गोहाना। विश्व वर्षा वन दिवस के अवसर पर पानीपत रोड स्थित राष्ट्रीय वैदिक परमार्थ ट्रस्ट की तरफ से संचालित लावारिस पीड़ित गोमाता गोशाला में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पेड़-पौधों की गुड़ाई करके खाद-पानी दिया गया। इस मौके पर वन संरक्षण का संकल्प भी लिया गया।
ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामेश्वरदास सैनी ने कहा कि वन ही जीव-जगत के अस्तित्व का आधार हैं। वन हमें शुद्ध वायु और जल प्रदान करने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन की अमूल्य धरोहर भी हैं।
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उन्होंने कहा कि वर्षा वन पृथ्वी की आधी से अधिक जीव प्रजातियों का आश्रय स्थल हैं। जलवायु संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता ट्रस्ट के महासचिव ठेकेदार भूपेंद्र प्रजापति ने की।
उन्होंने कहा कि वन पृथ्वी की जैव विविधता का प्रमुख आधार हैं। इन्हें पृथ्वी का फेफड़ा भी कहा जाता है। उन्होंने सभी लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की अपील की।