संवाद न्यूज एजेंसी
राई (सोनीपत)। गांव पलड़ी खुर्द में एक समुदाय के लोगों ने एक परिवार को दिवाली पर्व मनाने से रोक दिया। बाद में पंचायती तौर पर फैसला भी हो गया। इसके बाद उसी समुदाय के युवकों ने नर्सरी में काम कर रहे युवक पर हमला कर उसके अपहरण की कोशिश की। सरपंच और परिजनों के आने के बाद आरोपी उन्हें छोड़ कर भाग गए। इस दौरान आरोपियों ने कमरे में रखा टीवी और अन्य सामान भी तोड़ दिया।
गांव पलड़ी खुर्द निवासी विनोद ने बताया कि दिवाली की रात परिजन ग्रीन पटाखे छुड़ा रहे थे। इसी दौरान एक समुदाय के प्रिंस, आशु, बाॅबी, सन्नी और समीर उनको त्योहार मनाने से रोकने लगे। जब उन्होंने व उसके भाई मनोज ने उनके बुजुर्गों को कहा कि हम सब उनके साथ त्योहार मिलकर मनाते हैं। इसके बावजूद वह दिवाली मनाने से रोक रहे हैं। इस बात की सूचना उन्होंने डायल-112 पर भी दी। इसके बाद पंचायत और पुलिस के सामने उन्होंने गलती मान ली और राजीनामा हो गया। इसके बावजूद प्रिंस और उसके परिजन रंजिश रखे रहे। शुक्रवार को वह घर के पास अपनी नर्सरी में काम कर रहे थे। इसी दौरान प्रिंस, आशु, बाॅबी, सन्नी और समीर छह-सात अन्य युवकों के साथ राॅड, लाठी-डंडे लेकर नर्सरी में घुस आए। प्रिंस ने आते ही लोहे की राॅड उनके सिर में मार दी। आशु और बाॅबी ने उन पर डंडों से वार करने शुरू कर दिए। वह उनसे बच कर नर्सरी में बने कमरे में घुस गए। इसी दौरान प्रिंस और उसके साथियों ने दरवाजा तोड़ दिया। सन्नी ने लोहे का पाइप उनके पैर पर मारा, जिससे पैर में फ्रेक्चर हो गया। इसके बाद उन्हें जबरदस्ती कमरे से बाहर ले आए। आरोपियों ने उन्हें लाठी-डंडों से पीटा। कमरे में रखा टीवी और सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए। आरोपी अपहरण कर उन्हें अपने साथ ले जाने लगे। इसी दौरान सरपंच नरेश, भाई मनोज और सोनू वहां आए तो आरोपी जान से मारने की धमकी देकर मौके से भाग गए। जिसके बाद उन्होंने मामले की सूचना पुलिस को दी। बाद में पता चला कि सभी ने गांव के ही रोबिन की दुकान पर बैठ कर उन्हें जान से मारने का षड्यंत्र रचा था, लेकिन वह परिजन और गांव के सरपंच के आने की वजह से बच गए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी।