एक तरफ कोरोना योद्धाओं का जगह-जगह स्वागत किया जा रहा है, वहीं कई लोग ऐसे भी हैं जो उनके साथ दुर्व्यवहार तक करने से पीछे नहीं हटते। कुंडली इलाके की रेजिडेंसियल कालोनी में शिक्षित लोगों का बुरा हाल है। कर्मियों को जानकारी देने की जगह वह उन पर कुत्ते छोड़ रहे हैं। स्वास्थ्य कर्मियों ने ऐसे लोगों से सहयोग की अपील की है। इसके बावजूद नहीं मानने पर पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई कराई जाएगी।
कुंडली इलाके में एक परिवार के चार सदस्य एक दिन पहले ही कोरोना संक्रमित मिले हैं। इनकी पहचान भी आशा वर्कर्स की पड़ताल से ही हो सकी थी। प्रशासन ने कुंडली की सभी सोसायटी में लोगों के स्वास्थ्य की जांच करने के आदेश दिए हुए हैं। इनमें आशा वर्कर और नर्स लोगों के घर-घर जाकर यह पता लगा रही हैं कि कोई बीमार तो नहीं है। साथ ही अगर कोई बीमार है तो उसमें किस तरह के लक्षण हैं। इनमें अगर कहीं कोई संदिग्ध दिखता है तो उसे सीएचसी में भेज दिया जाता है। लेकिन आशा वर्कर्स को इस दौरान दिक्कतों का सामना भी करना पड़ता है। कुंडली इलाके में सर्वे कर रही आशा वर्कर मनीषा ने बताया कि उनकी टीम एक सोसाइटी में जांच कर रही है। इस इलाके में कोरोना पॉजिटिव भी मिले हैं। लेकिन यहां हालात ऐसे हैं कि अधिकतर लोग उनसे ठीक से व्यवहार तक नहीं करते। जानकारी देना तो दूर, बाहर से ही चले जाने तक कह दिया जाता है। कई ऐसे भी लोग हैं जो उन पर कुत्ता छोड़ देते हैं। ऐसे में मुश्किल से बचकर आना पड़ता है। इनका कहना है कि अब ऐसे लोगों से सहयोग की अपील की गई है। अगर उसके बावजूद नहीं मानेंगे तो पुलिस में शिकायत कर कार्रवाई कराई जाएगी।
डिप्टी सिविल सर्जन गीता दहिया ने कहा कि अभी तक मेरे पास इस तरह की कोई शिकायत नहीं आई है। अगर इस तरह की कोई शिकायत है तो उसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।