किसानों के पिपली टोल बंद कराने के बाद शुक्रवार देर रात को दोबारा से टोल वसूलने की कार्रवाई शुरू कर दी गई थी। जिसके बाद किसानों ने शनिवार को फिर से टोल को बंद करा दिया और टोल कर्मियों को चेतावनी दी कि यदि बिना सहमति के टोल वसूला तो किसानों की एक कमेटी यहां 24 घंटे बैठेगी। वहीं नेशनल हाईवे 44 पर मुरथल समेत केजीपी व केएमपी के मुख्य टोल प्लाजा अभी चालू हैं और वहां वाहनों से वसूली हो रही है।
किसान नेता जिंदर दहिया ने बताया कि शुक्रवार को हुई किसानों की पंचायत में टोल बंद कराने का फैसला लिया गया था। जिसके बाद किसानों ने पिपली टोल पर पहुंचकर उसे बंद करा दिया था। लेकिन देर रात में टोल कर्मियों ने फिर से टोल वसूलना शुरू कर दिया था। उन्होंने कहा कि किसान कृषि कानून रद्द कराएं बिना वापस नहीं जाएंगे। अब आंदोलन लगातार बढ़ता जा रहा है और धरने पर किसानों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने गणतंत्र दिवस पर लालकिले पर हुई घटना की भी निंदा की।
मुरथल समेत केजीपी-केएमपी टोल चालू
किसानों ने खरखौदा के पास पिपली का टोल बंद करा दिया, वहीं नेशनल हाईवे 44 के मुरथल टोल प्लाजा पर वसूली हो रही है। इनके अलावा केजीपी व केएमपी के मुख्य टोल प्लाजा पर भी वसूली जारी है। हालांकि नांगल के किसानों ने मुरथल टोल प्लाजा बंद कराने की चेतावनी दी है।