सोनीपत/खरखौदा। जिलेभर में पटवारियों का वर्क सस्पेंड 30 जनवरी से जारी है। उन्होंने एसडीएम खरखौदा औ नायब तहसीलदार पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाकर उपमंडल कार्यालय में धरना दिया। कार्रवाई नहीं होने पर हड़ताल की चेतावनी दी।
उधर, राज्य में दो अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होने के विरोध में वीरवार को जिलेभर के तहसीलदार और नायब तहसीलदार हड़ताल पर रहे। सोनीपत तहसीलदार कीर्ति व जिला राजस्व अधिकारी सुशील शर्मा ने नगराधीश को अपना मांगपत्र सौंपा। हड़ताल की वजह से तहसील कार्यालयों में रजिस्ट्री नहीं हो सकी।
द रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के राज्य महासचिव एवं जिला प्रधान सन्नी दहिया ने कहा कि एसडीएम खरखौदा ने एक पटवारी के साथ गाली-गलौज किया है। इसे एसोसिएशन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी।
उनका आरोप है कहा कि खरखौदा में पटवारियों को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। बड़े लोगों की रजिस्ट्री की जा रही है गरीब की रोकी जा रही है। जिस पावर ग्रिड मामले में पटवारी को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है उसमें उसकी कोई भूमिका होती ही नहीं।
नायब तहसीलदार ने पटवारी अनिल व कानूनगो रामदास के कार्यों के लंबित होने के चलते उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। दोनों अधिकारी सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और दोनों का खरखौदा से तबादला किया जाए। ऐसा नहीं हुआ तो उनका धरना अनिश्चित काल के लिए जारी रहेगा।
ग्रामीण बोले- नहीं हुआ गाली-गलौज
निजामपुर खुर्द के किसानों ने एसडीएम कार्यालय में शिकायत देते हुए कहा कि उनके खेतों से पावर ग्रिड की लाइन को गुजार दिया गया है। इसकी लिस्ट सरपंच के माध्यम से उनके पास पहुंची जबकि पहले की लिस्ट में उनके नाम नहीं थे। इसकी जांच की जाए। बुधवार को एसडीएम की जांच के दौरान मौके पर रहे ग्रामीणों का कहना है कि उनके समक्ष कोई गाली-गलौज नहीं हुआ। एसडीएम ने उन्हें आश्वस्त किया है कि पहली वाली लिस्ट के मुताबिक ही गांव से पावर लाइन गुजरेगी।
लोगों की बढ़ी परेशानी
तहसीलदार और नायब तहसीलदार की अनुपस्थिति में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अधिकारियों के न होने के चलते रजिस्ट्री और अन्य राजस्व संबंधित काम प्रभावित रहे। राजस्व संबंधित कामों को लेकर लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। सुमित सीआईएसएफ में नियुक्ति के लिए अपने जरूरी कागजात सत्यापित करने के लिए पहुंचा था। वहीं, बुजुर्ग भी काफी देर तक कार्यालय में बैठा रहा। इनके साथ ही अन्य लोगों को भी बगैर काम कराए ही वापस लौटना पड़ा।
विभागीय आदेशों के साथ ही राजस्व कानून की अनदेखी करने पर पटवारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया था। वहीं, पावर ग्रिड मामले में पटवारी की गलती पाई गई है। उसे शिकायत करने वालों के सामने ही गलती को ठीक करके लाने के लिए कहा गया। जिसे ठीक करने के बजाए पटवारी अब गलती छिपाने के लिए हड़ताल पर चले गए हैं। इससे पहले कई मामलों में नायब तहसीलदार ने पटवारी और कानूनगो को नोटिस जारी किए थे। खुद पर कार्रवाई होती देख इससे बचने के लिए हड़ताल का षड्यंत्र रचा गया है। -डॉ. निर्मल नागर, एसडीएम, खरखौदा
फोटो 15: सोनीपत के खरखौदा उपमंडल कार्यालय में एसडीएम व नायब तहसीलदार के खिलाफ धरना स्थल पर नारे