हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) में कौशल विकास योजना के तहत कार्यरत पटवारी को विजिलेंस की टीम ने 20 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। वह कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) के निर्माण में गई जमीन के हाईकोर्ट से मिले मुआवजे के कागजात तैयार करने के बदले में किसान से 70 हजार रुपये की मांग कर रहा था। किसान ने उससे 40 हजार रुपये में सौदा किया था। आरोपी को बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
केएमपी के निर्माण में हाईवे के आसपास के किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया था। उस जमीन के बदले में सरकार की ओर से किसानों को मुआवजा दिया गया था। बाद में किसान हाईकोर्ट में गए थे। वहां से भी किसानों का मुआवजा मिल रहा है। गांव गढ़ी बाला के किसान रामकिशन को भी करीब डेढ़ लाख रुपये मुआवजा आना है। उस मुआवजे के लिए कागजात तैयार करने के नाम पर एचएसआईआईडीसी राई का पटवारी अमरजीत 70 हजार रुपये मांग रहा था। वह एचएसआईआईडीसी में करीब 14 साल से काम कर रहा था और अब हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत लगा है।
किसान रामकिशन सिंह ने बताया कि मुआवजे के कागजात तैयार करने में पटवारी अमरजीत परेशान कर रहा था। वह रिश्वत की मांग रहा था। उससे 70 हजार रुपये मांगने के बाद सौदा 40 हजार रुपये में तय हो गया था। जिनमें से अमरजीत 20 हजार रुपये पहले ही ले चुका था। अब वह कई दिन से 20 हजार रुपये और मांग रहा था। किसान ने इसकी शिकायत विजिलेंस में की थी। इस पर विजिलेंस की टीम तैयार की गई। टीम में विजिलेंस इंस्पेक्टर कविता, एएसआई वपेंद्र, जगजीत सिंह, सुभाष, रेनू और एचसी नीरज को शामिल किया गया। वहीं बिजली निगम के एक्सईएन आदित्य कुंडू को ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाया गया था। विजिलेंस की टीम ने किसान को 20 हजार रुपये देकर पटवारी के पास भेज दिया। पटवारी ने जैसे ही किसान से 20 हजार रुपये लिए टीम ने उसको दबोच लिया।
किसान की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की गई। पटवारी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके पास से 20 हजार रुपये बरामद कर लिए गए हैं। उसको न्यायालय में पेश किया जाएगा। -इंस्पेक्टर कविता, विजिलेंस सोनीपत