फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छलका उद्योगपति का दर्द, बोले न बिजली पर्याप्त, न सड़क दुरूस्त, उद्योगों में कैसे होगी तरक्की

विज्ञापन
विज्ञापन
औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (आईएमटी), खरखौदा में मारुति-सुजुकी कंपनियां 900 एकड़ भूमि पर प्लांट स्थापित कर रही हैं। दोनों प्लांट का शिलान्यास 28 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से करेंगे। इसके लिए आईएमटी में कंपनियों के प्लांट स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री व उप मुख्यमंत्री समेत प्रदेश सरकार के मंत्री, सांसद व विधायक मौजूद रहे। कार्यक्रम में उद्योगपतियों को निमंत्रण देने के लिए मंगलवार को एथनिक इंडिया राई में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें पहुंचे उद्योगपतियों का दर्द छलक पड़या। उन्होंने मंच से एचएसआईआईडीसी अधिकारियों को ही नसीहत दे डाली।
विज्ञापन

हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) के चीफ को ऑर्डिनेटर सुनील शर्मा एथनिक इंडिया मंगलवार को राई पहुंचे थे। वह राई, कुंडली, मुरथल, बड़ी व सोनीपत औद्योगिक क्षेत्रों के उद्योगपतियों को मुख्य कार्यक्रम में आमंत्रित करने के लिए आए हुए थे। कार्यक्रम में उनके पहुंचने से पहले मंच से बोलते हुए उद्योगपतियों ने अपनी भड़ास निकाली। मंच से बोलने के लिए आमंत्रित किए गए विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों की एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों ने साफ कहा कि पहले से मौजूद औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली व सड़क तक बेहतर नहीं है। ऐसे में नए औद्योगिक क्षेत्र की ओर बढ़ने से पहले अधिकारियों को वहां ढांचागत सुविधा उपलब्ध करानी चाहिए।
उद्योगपतियों ने दो टूक कहा कि औद्योगिक रूप से तेजी से विकास करने की बात तो कही जाती है, लेकिन धरातल पर सुविधाएं नहीं दी जाती हैं। उन्होंने कहा कि यदि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझें तो तस्वीर बदल सकती है। उद्योगों में सबसे बड़ी समस्या बिजली संकट की है। बिजली पर्याप्त नहीं मिलने से प्रोडक्शन लागत कई गुना बढ़ जाती है, जिसके कारण बहुत से उद्योग बीच में ही दम तोड़ देते हैं। हालांकि बाद में चीफ को ऑर्डिनेटर सुनील शर्मा ने उद्योगपतियों को उनकी सभी समस्याओं से निजात दिलाने का भी आश्वासन दिया।
विज्ञापन

क्या कहते हैं उद्योगपित
खरखौदा आईएमटी में बड़े उद्योगों का स्वागत है। इससे क्षेत्र का विकास होगा, लेकिन पहले से ही प्रदेश के विकास में अहम भूमिका निभा रहे उद्योगों की समस्याएं भी दूर करनी होंगी। राई क्षेत्र में सड़कों के नाम पर केवल गड्ढे ही हैं। यहां कच्चे व तैयार माल को लेकर लेकर आने व जाने में मुश्किल होती है। अधिकारी कोई ध्यान नहीं देते। उद्योगपति हमेशा सरकार से मिलकर प्रदेश का विकास करना चाहते हैं। लेकिन उनकी समस्याओं का निराकरण भी होना चाहिए। -राकेश देवगन, प्रधान, राई औद्योगिक क्षेत्र मैन्युफैक्चरिंग एसोसएिशन
आईएमटी खरखौदा में मारुति-सुजुकी जैसे बड़े प्लांट आना गौरव की बात है। लेकिन अधिकारी व सरकार यह भी ध्यान रखे कि महज प्लॉट अलॉट करने से उद्योग नहीं चलते। उसके लिए बुनियादी ढांचा मुहैया करवाना जरूरी होता है। बिजली से लेकर सड़कों तक की हालत खराब है। कुंडली औद्योगिक क्षेत्र में कई फेज ऐसे हैं, जहां पर माल की गाड़ियां पहुंच ही नहीं सकतीं। वहीं, बिजली कनेक्शन से लेकर बिजली बिल तक के लिए उद्योगपतियों को परेशान किया जाता है। -सुभाष गुप्ता, कुंडली औद्योगिक एसोसिएशन
सरकार बड़े उद्योगों को बेहतरीन सुविधा उपलब्ध करवा सकती है तो छोटे उद्योगों को इससे मरहूम नहीं रखना चाहिए। क्षेत्र में नए उद्योगों के लिए माहौल बनाने में यहां पहले से मौजूद छोटे उद्योगों का अहम रोल है। एमएसएमई की तरफ ध्यान देने की बेहद जरूरत है। सरकार व विभाग को ऐसा करना चाहिए कि जब बड़े उद्योग यहां स्थापित हों तो छोटे उद्योगों को भी कम से कम 50 प्रतिशत आगे ले जाया जा सके। -रामबाबू गोयल, महासचिव, आईएमटी खरखौदा औद्योगिक एसोसिएशन
दिल्ली से नोएडा तक आवागमन के लिए 5 राष्ट्रीय राजमार्ग हैं, जबकि सोनीपत का दिल्ली से एक ही नेशनल हाईवे-44 के जरिये संपर्क है। कोरोना व किसान आंदोलन के समय उन उद्योगपतियों को काफी दिक्कत हुई थी जो दिल्ली से आवागमन करते हैं। इस दिशा में ढांचागत सुधार के लिए पहल करने की आवश्यकता है। मुरथल प्रदेश का सबसे पुराना औद्योगिक क्षेत्र है। उसके बावजूद वहां कोई सुविधा नहीं है। इसे लेकर ध्यान देने की जरूरत है। -कृपाल सिंह, प्रतिनिधि मुरथल औद्योगिक क्षेत्र
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें