सोनीपत। छोटी आयु में देश के लिए पदक जीतने की ललक के साथ गांव बड़वासनी की लाडली मानवी सुबह-शाम प्रतिभा को निखार रही है। मानवी करीब तीन साल से गांव स्थित कुलदीप मलिक खेलकूद अकादमी में कुश्ती के दांवपेच सीख रही है। महज 10 वर्ष की आयु से अकादमी में अभ्यास कर रही है।
पहलवान मानवी ने बताया कि वह अकादमी में कुश्ती देखने आई थी। इसके बाद मन में भी कुश्ती के प्रति लालसा जगी। मानवी के पिता बिजेंद्र भी अपने समय के बेहतरीन पहलवान रह चुके हैं। उन्होंने बताया कि वह देश के लिए ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतना चाहती है। जिसके लिए वह सुबह शाम को करीब चार घंटे अकादमी में पसीना बहाती है। मानवी के पसंदीदा पहलवान राष्ट्रमंडल रजत पदक विजेता निर्मल चौधरी है। प्रशिक्षक अजय मलिक ने बताया कि मानवी बेहतरीन पहलवान है। वह छोटी आयु में भी प्रतिदिन अकादमी में कड़ा अभ्यास करती है। एक बार दांव बताने के बाद वह उसे तुरंत समझ जाती है।
यह है उपलब्धि
मानवी ने वर्ष 2023 में राज्यस्तरीय स्कूली कुश्ती प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता था। मानवी अब तक तीन दंगल में हिस्सा ले चुकी है। उन्होंने तीनों में जीत हासिल की है। मानवी अपने खेल को रोजाना तराश रही है। वह राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना नाम बनाने के लिए खुद को तैयार कर रही है।
फोटो 31 - पहलवान मानवी। संवाद