सोनीपत। राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमशीलता एवं प्रबंधन संस्थान (निफ्टम), कुंडली व हरियाणा महिला एवं बाल विकास विभाग के बीच नए पंजीरी प्लांट के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू ) पर हस्ताक्षर हुए हैं। निफ्टम के कुलसचिव डॉ. जोगेंद्र सिंह राणा व महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक मोनिका मलिक की तरफ से विभाग की आयुक्त एवं सचिव अमनीत पी. कुमार की उपस्थिति में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। समझौते के तहत निफ्टम की ओर से महिला एवं बाल विकास विभाग को पंचकूला जिले के गांव पपलोहा और कैथल जिले के कलायत में पंजीरी प्लांट को स्थापित करने में सहायता की जाएगी।
विभाग की आयुक्त एवं सचिव अमनीत पी. कुमार ने बताया कि पूरक पोषण कार्यक्रम के तहत महिलाओं और बच्चों को भारत सरकार के वित्तीय मानदंडों के अनुसार पूरक पोषण प्रदान किया जाता है, जिसमें विभिन्न पौष्टिक व्यंजन और पंजीरी शामिल हैं। विभाग की निदेशक मोनिका मलिक ने कहा कि विभाग आने वाले समय में सिर्फ पंजीरी प्लांट तक ही नहीं, कुपोषण को दूर करने के प्रति सरकार के प्रयासों को और मजबूत करेगा।
निफ्टम के खाद्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की अध्यक्ष डॉ. कोमल चौहान ने कहा कि निफ्टम महिला एवं बाल विकास विभाग को नए पंजीरी प्लांट को जल्द शुरू करने के लिए उच्च तकनीकी सहायता प्रदान करेगा। संस्थान के निदेशक डॉ. हरिन्दर सिंह ओबेरॉय ने पंजीरी प्लांट लगाने के लिए पूर्ण सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र व कैथल के जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास विभाग अधिकारी, सुपरवाइजर और निफ्टम के अधिकारी मौजूद रहे।