खंड का गांव नाहरी इस बार के पंचायत चुनाव में नया इतिहास रचेगा। पहली बार गांव में दो पंचायतों का गठन होगा। संयुक्त गांव की पूर्व सरपंच शीला देवी आठवीं पास न होने से चुनाव नहीं लड़ सकी। इस वजह से उन्होंने अपनी पोस्ट ग्रेजुएट बहू रितु को मैदान में उतार रखा है। पंचायत चुनाव के तीसरे व आखिरी चरण में 24 जनवरी को वोट डाले जाएंगे।
दिल्ली से चंद किलोमीटर दूर राई ब्लॉक का गांव नाहरी। अब से पहले राई ब्लॉक का नाहरी सबसे बड़ा गांव होता था, जहां पिछले साल 7000 से ज्यादा वोट थे। इस बार प्रशासन ने पंचायत को दो भागों में बांट दिया। नाहरी और नाहरी सोखान। नाहरी में जहां 3600 वोट हैं, वहीं नाहरी सोखान में 4200 के करीब वोट हैं। नाहरी में सरपंच पद सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित है, जिसके लिए लता देवी, संतोष, रितु, लीला देवी और पूजा मैदान में हैं। रितु की सास शीला देवी पहले सरपंच रही हैं। इस बार भी चुनाव लड़ना चाहती थी, लेकिन आठवीं पास की शर्त ने राह रोक ली। इसके चलते उन्होंने अपनी एमए पास बहू रितु रानी को मैदान में उतार दिया। रितु के ससुर प्रकाश ने बताया कि बेटे दीपक की शादी आठ माह पहले ही हुई थी। ग्रामीणों और परिवार की बात को रितु टाल नहीं सकी। वह गांव के भरोसे पर खरी उतरेगी और शिक्षित होने के नाते गांव का हर पहलू से विकास कराएगी। वहीं, नाहरी सोखान में चार पुरुष प्रत्याशी जयकिशन, अशोक, युद्धवीर और सुनील मैदान में हैं। निवर्तमान सरपंच राजेश का कहना है कि उसने इस बार चुनाव न लड़ने का फैसला किया, ताकि दूसरों को भी मौका मिल सके।