पंचायत चुनाव पर सुप्रीम कोर्ट का प्रदेश सरकार के पक्ष में फैसला आने के बाद से गांवों में एक तरफ जहां पढ़े-लिखे तपके में सक्रियता बढ़ गई है, वहीं गैर पढ़े-लिखे लोगों में बेचैनी साफ दिखाई दे रही है। आंकड़ों पर नजर डालें तो आज भी तीन लाख के करीब जिले की आबादी अनपढ़ है। सबसे ज्यादा अनपढ़ लोग मुरथल और राई ब्लॉक में हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की मोहर से लाखों लोग चुनाव लड़ने से वंचित रह गए हैं। दरअसल, जिला सांख्यिकी विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2011 की जनगणना के मुताबिक जिले में साक्षरता दर 79 प्रतिशत थी, जबकि दस साल पहले 72 प्रतिशत थी। एक अनुमान के मुताबिक पिछले पांच साल में साक्षरता दर पहले के मुकाबले बढ़ी है, जो अब बढ़कर 85 प्रतिशत से ज्यादा पहुंच गई है। फिर भी 15 प्रतिशत लोग अब भी अनपढ़ है, जो सरकार के पंचायत चुनाव को लेकर नए नियमों के चलते चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।
निगम पार्षदों में भी सरगर्मी, कोई बेचैन तो कोई खुश
सीएम मनोहर लाल खट्टर द्वारा शहरी निकाय चुनावों में भी एजूकेशन की शर्त अनिवार्य करने की घोषणा से नगर निगम के निवर्तमान पार्षदों में भी बेचैनी बढ़ने लगी है। निगम के निवर्तमान 31 पार्षदों में से पांच ऐसे हैं, जो 10वीं पास भी नहीं हैं। ऐसे में उनका दोबारा चुनाव लड़ना मुश्किल है। एक पार्षद ने कहा कि सरकार को पार्षद के लिए तो कम से कम बीए पास की शर्त रखनी चाहिए। वहीं दूसरे पार्षद पति ने कहा कि परिवार में 10वीं से लेकर एलएलबी पास तक सदस्य मौजूद हैं। अगर उनकी पत्नी चुनाव नहीं लड़ पाएंगी तो एलएलबी पास पुत्र या पुत्रवधू को चुनाव लड़वा दूंगा।
जिले में ब्लाक वाइज अशिक्षित जनसंख्या
ब्लाक पुरुष महिला
मुडलाना 16 हजार 23 हजार
कथूरा 10 हजार 14 हजार
गोहाना 16 हजार 24 हजार
गन्नौर 23 हजार 30 हजार
सोनीपत 16 हजार 23 हजार
राई 21 हजार 29 हजार
खरखौदा 17 हजार 25 हजार
मुरथल 21 हजार 28 हजार
नोट : आंकडे 2011 में हुई जनगणना के तहत हैं, इसके पिछले पांच साल में साक्षरता दर में 2 से 3 प्रतिशत ज्यादा आ रही है।
तेजी से बढ़ रही साक्षरता दर
हर दस साल बाद जनगणना होती है। ऐसे में यह आंकड़ा 2011 की गणना के आधार पर है। इसके बाद तेजी से साक्षरता दर बढ़ रही है। 2021 तक शत-प्रतिशत जनसंख्या के शिक्षित होने की उम्मीद है।
-संजीव धनखड़, जिला सांख्यिकी अधिकारी।
सरकार ने डीसी को भेजा मेल, पंचायत चुनाव की तैयारी शुरू करने को कहा
सुप्रीम कोर्ट का फैसला पक्ष में आने के बाद प्रदेश सरकार ने जिलास्तर पर डीसी को मेल भेजकर पंचायत चुनाव की तैयारियां शुरू करने को कहा है। इसके चलते प्रशासनिक अधिकारियों में हलचल तेज हो गई है। डीडीपीओ आफिस के कर्मचारी आंकड़े एकत्र करने में जुट गए हैं।
हम तो जिला परिषद चुनाव के लिए भी तैयार: डीसी
सरकार की ओर से मेल आई है। पंचायत चुनाव की तैयारियां शुरू करने के लिए कहा गया है। पिछली बार वार्डबंदी पूरी नहीं होने के कारण जिला परिषद, सोनीपत, राई और मुरथल ब्लॉक के चुनाव बाद में कराने का फैसला हुआ था, लेकिन इस बार प्रशासन ने न केवल केवल जिला परिषद, बल्कि सभी आठ ब्लॉक में ब्लॉक समिति और पंचायत चुनाव की भी तैयारी पूरी कर रखी है।
-राजीव रत्न, डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, सोनीपत