गोहाना। क्षेत्र में रविवार देर रात 13 मिमी बारिश हुई। बेमौसमी बारिश ने गर्मी से राहत देने के साथ ही किसानों की चिंता भी बढ़ा दी। बारिश से खेतों में धान की फसल गिर गई। वहीं नई अनाज मंडी परिसर में पड़ा हजारों क्विंटल धान भीग गया। इससे करीब सात हजार क्विंटल धान में नमी की मात्रा बढ़ गई। नमी बढ़ने पर व्यापारियों ने फसल की खरीद नहीं की।
मौसम दो दिन से बदला हुआ था। रविवार देर रात क्षेत्र में बारिश हुई। बारिश से शहर की कई मुख्य सड़कों पर जलभराव हो गया। शहर में सोनीपत रोड और महम-जींद बाईपास सड़क पर जलभराव की स्थिति बनी रही। बारिश का पानी शहर की अनाज मंडी में भी भर गया।
अनाज मंडी में आजकल धान की आवक हो रही है। मंडी परिसर में करीब 30,000 क्विंटल फसल पड़ी है। रात को हुई बारिश से मंडी परिसर में खुले में पड़ी धान की फसल भीग गई। बारिश का पानी धान की ढेरियों और बैग के नीचे भर गया। इससे फसल में नमी की मात्रा बढ़ गई।
तीन कोट :
बारिश से खेतों में धान की फसल गिर गई है। इसका सीधा असर फसल के उत्पादन पर पड़ेगा। फसल गिरने के बाद दाना सही ढंग से विकसित नहीं होता। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान होगा। - अमित, किसान
क्षेत्र में हुई बेमौसमी बारिश से किसानों को नुकसान हुआ है। धान की फसलें पक चुकी हैं। इस समय फसल को पानी की जरूरत नहीं होती। बारिश से बड़े स्तर पर नुकसान होता है। सरकार फसलों की विशेष गिरदावरी करवा उचित मुआवजा दे ताकि नुकसान की भरपाई हो सके। - सत्यवान, किसान
फसल ढकने की जिम्मेदारी आढ़तियों की :
अनाज मंडी परिसर में बारिश से फसलों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आढ़तियों की होती है। बारिश शुरू होने के दौरान फसलों को ढकने की मुनादी करवा दी गई थी। बारिश के कारण फसल की ढेरियों के आसपास पानी भर गया था। पानी की निकासी करवा दी गई है। - सविता जैन, सचिव, मार्केट कमेटी, गोहाना।