रोहतक बाईपास पर भारी वाहनों के दबाव में एक तरफ पुराना रेलवे ओवरब्रिज जहां हांफ रहा है, दूसरी तरफ नया ओवरब्रिज चालू होने में अभी कम से कम एक साल और लगेगा। सरकारी लापरवाही की इंतिहा देखिए कि नए ओवरब्रिज का 60 फीसदी हिस्सा पूरी ड्राइंग फाइनल होने से पहले ही बना दिया गया है। ऐसे में एक साल और वाहनों को हांफते पुल से ही गुजरना होगा। अगर कोई हादसा हो गया तो इसका जिम्मेदार कौन होगा, इस सवाल का जवाब अभी किसी अधिकारी के पास नहीं हैं। गौरतलब है कि दो दशक पहले पीडब्ल्यूडी ने दिल्ली-अंबाला रेलवे लाइन के चलते जाम की समस्या से निपटने के लिए ओवरब्रिज बनाया। दिल्ली रेलवे लाइन शहर के बीचोंबीच से गुजर रही है। शहर के दोनों हिस्सों को जोड़ने के लिए सबसे पहले रोहतक बाईपास पर ओवरब्रिज बना। जबकि वहीं फरवरी माह में स्टेशन के नजदीक गीता भवन चौक के ओवरब्रिज का निर्माण पूरा हुआ। जबकि जाहरी फाटक और रोहतक बाईपास पर पुराने ओवरब्रिज के साथ-साथ नया ओवरब्रिज का काम अभी चल रहा है। डेढ़ साल पहले शुरू हुए ओवरब्रिज का आधे से ज्यादा काम पूरा हो चुका है।
नए की ऊंचाई ज्यादा, दीवार को लेकर फंसा पेंच
विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि पहले नए ओवरब्रिज की जो ड्राइंग तैयार की गई थी, उसके अनुसार पुराने ओवरब्रिज के सहारे नए की दीवार बननी थी। इससे लागत कम रहती, लेकिन ऊंचाई का ध्यान नहीं रखा गया। नए की ऊंचाई पुराने से एक मीटर ज्यादा है। अब पुराने पुल का सहारा नहीं लिया जा सकता। ऐसे में तकनीकी पेंच फंस गया है। विभाग ने इस समस्या के समाधान के लिए तीन जेई की ड्यूटी लगाई है, जो बीच का रास्ता निकाले का प्रयास कर रही है।
नए के बिना पुराने को राहत नहीं
कालूपुर चुंगी और ओल्ड डीसी रोड की तरफ से आने-जाने वाले वाहनों को रेलवे लाइन के ऊपर से गुजारने का एकमात्र रास्ता ओवरब्रिज है। इसे एक घंटा भी बंद नहीं किया जा सकता, क्योंकि दोनों तरफ वाहनों से शहर जाम हो सकता है। गीता भवन चौक से भी वाहन गुजारे नहीं जा सकते क्योंकि वहां पहले जाम लगा रहता है। पुराने पुल को बंद किए बिना उसकी न तो ग्रीसिंग हो सकती है और न ही मरम्मत। एक अधिकारी ने बताया कि इसके लिए कम से कम 15 दिन चाहिए। ऐसे में नया ओवरब्रिज बनने के बाद दोनों तरफ के वाहन उसके ऊपर से गुजारे जाएंगे। तब जाकर पुराने की हालत सुधर सकती है। तब तक इंतजार के सिवाए दूसरा रास्ता नहीं है।
पीपल का पेड़ चढ़ेगा सड़क की भेंट
ओल्ड डीसी रोड और मौजूदा ओवरब्रिज के बीच तीन पेड़ हैं, इसमें एक पीपल का पेड़ है। अब विभाग ओल्ड डीसी रोड तक नए ओवरब्रिज को ले जाना चाहता है। इसके चलते तीनों पेड़ काटने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए विभाग ने वन विभाग के पास फाइल भी भेजी है।
ऊंचाई को लेकर आ रही दिक्कत, करेंगे कुछ समाधान
मेरी अभी नए ओवरब्रिज के निर्माण को लेकर ड्यूटी लगी है। नए ओवरब्रिज की ऊंचाई पुराने से एक मीटर ज्यादा है। ऐसे में एक तरफ की दीवार को लेकर दिक्कत आ हरी है। जल्द कोई न कोई समाधान निकाला जाएगा।