संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। क्षेत्र से होकर गुजरने वाली सीकर से नरेला पावर ग्रिड हाईटेंशन लाइन के सोहटी गांव में मुआवजा दिए बगैर काम शुरू करने को लेकर किसानों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है। किसानों ने प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखते हुए आरोप लगाया कि पावर ग्रिड और उसके ठेकेदारों ने हरियाणा सरकार के गजट नोटिफिकेशन की अनदेखी की है।
इस दौरान प्रदर्शन करते हुए किसान भारतीय किसान यूनियन एकता के सदस्यों के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचे और नारेबाजी कर एसडीएम अमित कुमार को सीएम नायब सैनी के नाम ज्ञापन सौंपा। किसान नेता अभिमन्यु कोहाड ने कहा कि 30 जनवरी को मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जारी गजट नोटिफिकेशन में स्पष्ट उल्लेख है कि हाईटेंशन लाइनों के लिए दिया जाने वाला मुआवजा एकमुश्त और अग्रिम होना चाहिए।
दो दिन पहले पावर ग्रिड की टीम और ठेकेदार सोहटी गांव में काम शुरू करने पहुंच गए जबकि अभी तक किसानों को निर्धारित मुआवजा नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि आम नागरिक किसी कानून का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई होती है लेकिन यहां सरकारी एजेंसियां ही नियमों की अनदेखी कर रही हैं।
किसानों ने मांग रखी कि संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। यह भी स्पष्ट किया जाए कि कार्रवाई कितने समय में की जाएगी। किसानों ने मुआवजा तय करने के तरीके पर भी सवाल उठाए।
उनका कहना है कि 30 जनवरी को तय किया गया मार्केट वैल्यू का फार्मूला पारदर्शी और किसानों के हित में था लेकिन 29 अप्रैल को लागू किया गया लाॅटरी सिस्टम पूरी तरह से अपारदर्शी है। किसानों ने इस व्यवस्था को अनुचित बताते हुए कहा कि वे कोई जुआ खेलने नहीं आए हैं बल्कि यह उनकी पुश्तैनी जमीन का मामला है।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी बात मुख्यमंत्री तक पहुंचाई जाए और लाॅटरी सिस्टम को तुरंत प्रभाव से बंद कर पुराने पारदर्शी तरीके से ही मुआवजा तय किया जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द उचित समाधान निकालेगी।
एसडीएम अमित कुमार ने कहा कि वह उनका ज्ञापन मुख्यमंत्री कार्यालय में भेजने के साथ ही संबंधित मामले में होने वाली बैठक में दूसरे पक्ष की भी सुनवाई करेंगे।