फोटो 27: सोनीपत में राजीव गांधी एजुकेशन सिटी, राई स्थित वर्ल्ड यूनिवर्सिटी ऑफ डिजाइन। संवाद
सोनीपत। राजीव गांधी एजुकेशन सिटी, राई में स्थित वर्ल्ड यूनिवर्सिटी ऑफ डिजाइन में फूलों के बीच उगाई गई अफीम के मामले में आरोपी सुपरवाइजर धर्मेंद्र की अग्रिम जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी है। मामले में बनाई गई स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम ने आरोपी की गिरफ्तारी को दबिश तेज कर दी है। एसआईटी मामले में हर पहलू पर जांच कर रही है।
सीआईए-1 में नियुक्त एएसआई सुरेंद्र की टीम ने 28 मार्च को राजीव गांधी एजुकेशन सिटी, राई स्थित वर्ल्ड यूनिवर्सिटी ऑफ डिजाइन में अफीम के पौधे उगाने का भंडाफोड़ किया था। पुलिस ने माली उत्तर प्रदेश के जिला सुल्तानपुर के गांव मेघमऊ निवासी संतलाल को गिरफ्तार कर 400 पौधे बरामद किए थे। जांच में सामने आया था कि अफीम के बीज दिल्ली से मंगवाए थे। संतलाल के रिमांड के दौरान विवि के सुपरवाइजर यूपी के कन्नौज निवासी धर्मेंद्र मिश्रा का नाम सामने आया था। आरोपी पुलिस पकड़ से बाहर था। इसी बीच आरोपी ने सोनीपत न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका लगा दी थी। जिस पर बुधवार को सुनवाई हुई। अदालत ने आरोपी की याचिका खारिज कर दी है। अब एसआईटी आरोपी की गिरफ्तारी को दबिश बढ़ा दी है। एसआईटी मामले में कई कागजात व रिकॉर्ड कब्जे में ले चुकी है।
विवि में अफीम उगाने के मामले में आरोपी धर्मेंद्र मिश्रा की अग्रिम जमानत याचिका अदालत में खारिज हो गई है। उसे गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है। मामले में जिसकी भी संलिप्तता मिलेगी उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- अजीत कुमार, एसीपी, सोनीपत