सोनीपत के खरखौदा स्थित उपमंडल नागरिक अस्पताल प्रांगण में धरना देते चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी।
खरखौदा। उपमंडल नागरिक अस्पताल में वीरवार को भी चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी धरने पर बैठे रहे। वह वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (एसएमओ) व नर्सिंग अधिकारी के तबादले पर अड़े हुए हैं। अस्पताल दो दिन से ओपीडी बंद होने के कारण मरीजों को परेशानी हो रही है। इलाज मुहैया न होने के कारण उन्हें अस्पताल से वापस लौटना पड़ रहा है।
एसएमओ विवाद के चलते हड़ताल लगातार जारी है। स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी का खामियाजा मरीजों का भुगतना पड़ रहा है। अस्पताल में चिकित्सकों के नौ पद भरे हुए हैं, उनके हड़ताल पर जाने से चिकित्सक कक्ष खाली पड़े हैं। दो दिन से ओपीडी परिसर में सन्नाटा छाया हुआ है। अस्पताल में पहले 400 से ज्यादा मरीज उपचार कराने पहुंचते थे, लेकिन आज अस्पताल में चल रहे एमएमओ विवाद के चलते मरीजों को उपचार तक नहीं मिल रहा। इसके चलते मरीजों को इधर-उधर चक्कर लगाने के बाद वापस लौटने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
धरने पर बैठे चिकित्सक व कर्मचारियों का कहना है कि अस्पताल में तैनात एसएमओ और नर्सिंग अधिकारी अपनी मनमानी करते हैं। इससे सभी स्टाफ कर्मी परेशान हैं। जब तक इन दोनों का अस्पताल से तबादला नहीं हो जाता धरना इसी तरह जारी रहेगा। बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मी एसोसिएशन की तरफ से सीएचसी के सभी प्रधानों ने पहुंचकर धरने को अपना समर्थन दिया। इनका कहना है कि जल्द धरने को जिला व प्रदेश स्तर पर खड़ा किया जाएगा। धरने पर बैठे एसएमओ डाॅ. सत्यपाल ने स्पष्ट कर दिया है कि अब अकेली कोई बात नहीं होगी। धरना शुरू करने के बाद अब एक कमेटी का गठन कर दिया गया है। वही अब धरने को लेकर आगामी फैसला लेगी। विवाद के बीच एसएमओ डॉ. आशा सहरावत की एक वीडियो भी सामने आई है। इसमें एसएमओ कह रही हैं कि उन्होंने सिर्फ सभी कर्मचारियों से ईमानदारी और समय पर काम करने की बात कही है। जो कर्मचारी काम नहीं करना चाहते हैं सिर्फ वही धरने पर बैठे हैं।