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मंत्री के शहर में ऑनलाइन टैक्स कलेक्शन का काम पड़ा धीमा

Wed, 23 Dec 2015 12:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
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शहर निकाय मंत्री के गृह नगर में ही अधिकारियों की लेटलतीफी के चलते 75 हजार नागरिक नए साल से ऑनलाइन हाउस टैक्स जमा नहीं करा पाएंगे, क्योंकि नगर निगम के पास 74 हजार गृहकर दाताओं का ही डाटा है। यह डाटा भी नगर परिषद के कार्यकाल का है। क्योंकि नगर निगम बनने के छह माह बाद भी अधिकारी नया सर्वे नहीं करा सके हैं।  गौरतलब है कि फरवरी-2015 को प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने गीता भवन चौक के नजदीक दिल्ली-अंबाला रेलवे लाइन पर आरओबी का उद्घाटन किया। उसी दिन नगर परिषद की जगह निगम बनाने की घोषणा की गई। सीएम की घोषणा के बाद नगर परिषद नगर निगम तो बन गया, लेकिन धरातल पर न तो स्टाफ बढ़ा और न ही संसाधन बढ़ाए गए। ऊपर से निगम में 25 पंचायतों का एरिया भी आने से व्यवस्था और चरमरा गई।
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सीएम को करना है ऑनलाइन टैक्स योजना का श्रीगणेश  
स्थानीय विधायक एवं शहरी निकाय मंत्री कविता जैन ने चंडीगढ़ में घोषणा की थी कि पीएम मोदी के डिजिटल अभियान के तहत  पंचायतों का रिकॉर्ड कंप्यूटराइज किया जा रहा है। साथ ही शहरी निकाय विभाग भी नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं को डिजिटल करने का प्रयास हो रहा है। सबसे पहले ऑनलाइन टैक्स भरने के लिए योजना तैयार की गई है, जिसका श्रीगणेश सीएम मनोहरलाल खट्टर द्वारा किया जाना है।

यूनीक नंबर दिलाएगा झंझट से निजात
योजना के तहत गृहकर दाताओं को एक यूनीक नंबर दिया जाएगा। इस नंबर के माध्यम से गृहकरदाता स्थानी निकाय प्रशासन की साइट पर जाकर प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने के लिए आवेदन कर सकता है। संबंधित मकान मालिक को कितना टैक्स जमा कराना है, किस तरह सेल्फ असेसमेंट के तहत फार्म भरना और ऑनलाइन ही अपने अकाउंट से निगम के अकाउंट में कैसे पैसा ट्रांसफार्मर करना है, इन सभी चीजों की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी।
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निगम के पास अपना कुछ नहीं
छह जुलाई को नगर परिषद की जगह नगर निगम बना दिया गया। नप के पास 74 हजार गृहकर दाताओं का रिकॉर्ड था, जिसमें 50 हजार आवासीय और 20 हजार व्यवसायिक और पांच हजार के करीब संस्थागत, धार्मिक और दूसरे करदाता हैं। जो अब तक नप की पुरानी दरों के आधार पर ही टैक्स जमा कराते आए।

आम आदमी की होगी जेब ढीली
नगर निगम बनने के बाद राई, मुरथल और सोनीपत ब्लॉक की 26 पंचायतों को निगम में शामिल किया गया। नप की अपेक्षा निगम की दर ज्यादा है। ऐसे में पहले सिटी के साथ पूरे नगर निगम एरिया में सर्वे करके डाटा एकत्र करना है। कितने आवासीय और कितने व्यवसायिक टैक्स जमा करने वाले हैं। निगम के एक अनुमान के मुताबिक सर्वे के बाद कुल गृहकर दाताओं की संख्या डेढ़ लाख के करीब पहुंच जाएगी, लेकिन निगम अभी तक सर्वे शुरू भी नहीं करवा सका है। ऐसे में सही ढंग से ऑन लाइन टैक्स व्यवस्था को सिटी में लागू होने में अभी कम से कम तीन माह इंतजार करना होगा।

निगम प्रशासन पूरी रिपोर्ट तैयार करके फाइल सर्वे के लिए चंडीगढ़ मुख्यालय भेजा चुका है। वहां से जैसे ही अनुमति मिलेगी, तुरंत टेंडर लगाकर सर्वे शुरू करवा दिया जाएगा। तब तक निगम के पास पुराने 74 हजार गृहकर दाताओं के लिए ऑन लाइन टैक्स जमा कराने की सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है।
-टीएल शर्मा, एक्सीएन नगर निगम।

जल्द ही मुख्यालय से फाइल निकलवा दी जाएगी, ताकि सोनीपत निगम एरिया में हाउस टैक्स को लेकर काम शुरू करवाया जा सके। इसके बाद नए एरिया के नागरिकों को भी जल्द ऑन लाइन टैक्स जमा कराने की सुविधा मिलेगी।
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-कविता जैन, शहरी निकाय मंत्री एवं स्थानीय विधायक।
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