नपा अध्यक्ष के सामने डिवाइडर न उठाने की मांग करते शहरवासी। संवाद
खरखौदा। शहर की सड़कों पर रखे डिवाइडरों को हटाया जाए या न हटाया जाए इस मुद्दे को लेकर बीते कई दिनों से खरखौदा में विवाद चला आ रहा है। मामला दो धड़ों में बंटा है। सोमवार को जहां एसडीएम कार्यालय में पहुंचकर शहर के दुकानदारों ने सड़कों पर रखे डिवाइडर उठाने की मांग की थी। वहीं मंगलवार को दुकानदार व शहर वासियों ने नगर पालिका में डिवाइडर न उठाने की मांग की।
खरखौदा की सड़कों पर रखे डिवाइडर अब जाम से निजात दिलाने की जिम्मेदारी से बड़े होकर अहम की लड़ाई पर आ गए हैं। मंगलवार को शहर वासियों ने नगर पालिका में डिवाइडरों से होने वाले फायदे गिनाए। नगर पालिका कार्यालय में अध्यक्ष हीरा लाल के समक्ष महिलाओं ने कहा कि उनके बच्चे स्कूल पढ़ने जाते हैं, डिवाइडर होने से ही वह सुरक्षित हैं क्योंकि सड़क किनारे फुटपाथ तो अतिक्रमण की भेंट चढ़े हैं।
वहीं लोगों ने यह भी कहा कि पिछले पार्षदों ने एक करोड़ रुपये खर्च कर डिवाइडरों को रखवाया था तब जाकर शहर के जाम से मुक्ति मिली थी लेकिन आज यही डिवाइडर उठाने की मांग दुकानदारों द्वारा की जा रही है जोकि व्यावहारिक नहीं है। यदि करना है तो सड़क को अतिक्रमण से मुक्त किया जाना चाहिए।
कई दुकानदारों ने कहा कि वह छोटे दुकानदार हैं, डिवाइडर न केवल उनके लिए बल्कि हर राहगीर के लिए सुरक्षित हैं। ऐसे में इन्हें सड़कों से नहीं उठाया जाना चाहिए। वहीं दूसरी तरफ इन डिवाइडरों के उठाने के पक्ष वाले पार्षदों का कहना है कि डिवाइडर उठाकर ट्रायल करके देखा जा सकता है। जबकि दूसरी तरफ इस दौरान मौजूद पार्षदों ने डिवाइडर न उठाने की बात कही।