फोटो 02: सोनीपत के एसआरएम विश्वविद्यालय, राई में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते कृषि मंत्री
सोनीपत। कृषि एवं पशुपालन मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि देश को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक राष्ट्र-एक चुनाव को अपनाना जरूरी है। इससे अनावश्यक आर्थिक बोझ को कम करके राष्ट्र को आर्थिक समृद्धि की तरफ अग्रसर किया जा सकता है। वह शुक्रवार को राजीव गांधी एजुकेशन सिटी स्थित एसआरएम विश्वविद्यालय में एक राष्ट्र-एक चुनाव कार्यक्रम में बोल रहे थे।
उन्होंने कह कि वर्ष 2019 के आम चुनाव में 60 हजार करोड़ तो 2024 में 135 हजार करोड़ रुपये खर्च हुए। एक राष्ट्र-एक चुनाव को अपनाने से इसी खर्च में राज्यों के चुनाव भी करवाए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 1952 से 1967 तक एक राष्ट्र-एक चुनाव की प्रक्रिया अपनाई गई थी।
तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने राजनीति की व्यवस्था को अव्यवस्थित कर अलग-अलग चुनाव प्रक्रिया अपनाकर देश पर आर्थिक बोझ बढ़ा दिया था। कृषि मंत्री ने कहा कि एक राष्ट्र-एक चुनाव केंद्र सरकार के एजेंडे के महत्वपूर्ण सुधारों में से एक है। तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जनवरी 2018 में संसद में इसकी चर्चा भी की थी।
भाजपा के प्रदेश महासचिव फणींद्र नाथ शर्मा ने कहा कि राजनीतिक भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिए एक राष्ट्र-एक चुनाव की प्रक्रिया को अपनाना बहुत जरूरी है। श्री विश्वनाथन जन कल्याण मंच के सदस्य दीपक ने कहा कि युवा एवं शिक्षित वर्ग को देश की व्यवस्था में सुधार लाने के लिए आगे आने की आवश्यकता है।
इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष अशोक भारद्वाज, कुलपति परमजीत सिंह, विधि विभाग के प्रमुख विजय कुमार सिन्हा, प्रोफेसर कुलश्रेष्ठ, सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. पूरणमल गौड, कृषि विभाग से उप निदेशक डॉ. पवन शर्मा भी मौजूद रहे।