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नेशनल हाईवे-44 पर तीन महीने में काम शुरू होगा, पुरानी कंपनी से निर्माण कराने की तैयारी

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नेशनल हाईवे 44 पर अधूरा पड़ा फ्लाईओवर - फोटो : Sonipat
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सोनीपत। नेशनल हाईवे-44 को दिल्ली से पानीपत तक आठ लेन करने का डेढ़ साल से बंद पड़ा काम जल्द ही शुरू करने की तैयारी है। यह माना जा रहा है कि अगले तीन महीने के अंदर काम शुरू हो जाएगा। यह काम भी पुरानी कंपनी के साथ ही लोन देने वाले बैंक शुरू कराएंगे, क्योंकि किसी दूसरी कंपनी को नेशनल हाईवे का ठेका दिया जाता है तो बैंक के लगभग 700 करोड़ रुपये डूब सकते हैं। इसलिए नेशनल हाईवे चौड़ीकरण प्रोजेक्ट के लीड बैंक की कंपनी के साथ बात चल रही है और अब तीन महीने में काम शुरू करने की बात कही जा रही है। इस नेशनल हाईवे का निर्माण कार्य अधूरा होने के कारण रोजाना एक लाख वाहन चालकों के साथ ही आसपास के गांव वालों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। इसलिए ही नेशनल हाईवे निर्माण को जल्द से जल्द शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे वाहन चालकों की परेशानी खत्म हो सके।
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नेशनल हाईवे 44 पर लगातार वाहन बढ़ते जा रहे हैं, जिसपर जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, गुजरात समेत अन्य राज्यों के रोजाना लगभग एक लाख वाहन गुजरते हैं। इन वाहन चालकों के लिए बेहतर सफर करने को नेशनल हाईवे की मुख्य सड़क आठ लेन व दोनों ओर दो-दो लेन की साइड लेन का काम शुरू किया गया था। लेकिन चार साल में यह काम पूरा नहीं हो सका, जबकि इस काम को पूरा करने का समय अप्रैल 2019 था। वहीं डेढ़ साल से काम पूरी तरह से बंद पड़ा हुआ है। इस काम को करने वाली एस्सेल ग्रुप की मेसर्स मुकरबा चौक पानीपत टोल रोड लिमिटेड कंपनी ने पहले ही सड़क को किनारों से उखाड़ दिया था तो फ्लाईओवर वाली जगहों पर सड़क के बीच में खुदाई करके छोड़ा हुआ है। जिससे वहां वाहन चालकों की परेशानी कम होने की जगह बढ़ी हुई है।
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पीएम ने 2015 में किया था शिलान्यास, डेढ़ साल से ठप पड़ा काम
नेशनल हाईवे 44 की मुख्य सड़क को छह लेन से आठ लेन बनवाने के साथ ही दोनों ओर दो-दो लेन की सर्विस रोड बनवाने के लिए एनएचएआई ने वर्ष 2015 में पीएम नरेंद्र मोदी से शिलान्यास कराया था। एनएचएआई के अधिकारियों ने शिलान्यास कराने के बाद एस्सेल ग्रुप की मेसर्स मुकरबा चौक पानीपत टोल रोड लिमिटेड कंपनी को निर्माण का जिम्मा सौंप दिया था। कंपनी को बिल्ड आपरेशन एंड ट्रांसफर मोड (बीओटी) के आधार पर 2178.72 करोड़ रुपये खर्च करने थे, जिसमें निर्माण अवधि से लेकर 17 साल तक कंपनी टोल वसूलना था।
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आईआईएफसीएल के 700 करोड़ से ज्यादा अटके, तीन माह में काम शुरू करने की तैयारी
दिल्ली से पानीपत तक नेशनल हाईवे चौड़ीकरण के प्रोजेक्ट में जहां ठेका कंपनी मेसर्स मुकरबा चौक पानीपत टोल रोड लिमिटेड है, वहीं उसने कई बैंक से रुपया लिया हुआ है। जिनमें लीड बैंक आईआईएफसीएल है और उसकी ओर से एनएचएआई को दी गई रिपोर्ट के अनुसार नेशनल हाईवे पर 44 प्रतिशत काम हो चुका है। वहीं उसपर अभी तक 34 प्रतिशत रुपया बैंक का खर्च हो चुका है। इस तरह एनएचएआई के अधिकारी लगभग 700 करोड़ रुपये का खर्च अभी तक बैंक का मान रहे है। ऐसे में भले ही एनएचएआई ने कंपनी का ठेका रद्द करने के लिए फाइल बैंक के पास भेज दी हो, लेकिन इसपर आखिरी फैसला बैंक को लेना है। एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार बैंक के 700 करोड़ रुपये लगे होने के कारण ठेका कंपनी को बदला जाना मुश्किल है। इसलिए बैंक व कंपनी के बीच बातचीत चल रही है और नेशनल हाईवे का काम अगले तीन महीने में शुरू किया जाएगा।
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एनएचएआई ने अप्रैल 2019 तक नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण का काम पूरा नहीं होने के कारण कंपनी का ठेका रद्द करने के लिए फाइल बैंक को भेज दी थी। जिसपर आखिरी फैसला बैंक को लेना था। लेकिन बैंक ने एनएचएआई को रिपोर्ट भेजी है कि हाईवे का काम 44 प्रतिशत हो चुका है और उसपर 34 प्रतिशत रुपया भी खर्च हो चुका है। जिससे अगले तीन महीने में हाईवे के चौड़ीकरण का काम शुरू करने की तैयारी चल रही है।
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-आनंद दहिया, टेक्निकल मैनेजर एनएचएआई
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