फोटो 31- सोनीपत के जीवीएम कन्या महाविद्यालय में विवि स्तरीय एनएसएस शिविर में आयोजित मेहंदी प्रत
सोनीपत। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि एनएसएस शिविर में विविधताओं का मिश्रण किया गया, जिससे प्रतिभागियों के चहुंमुखी विकास को बल मिलेगा। उन्होंने जीवीएम को एमडीयू के टॉप-6 काॅलेजों में शामिल करते हुए कहा कि यहां छात्राओं के संपूर्ण विकास के लिए समर्पित रूप से प्रयास किए जाते हैं। कुलपति शनिवार को जीवीएम कन्या महाविद्यालय में विश्वविद्यालय स्तर पर आयोजित एनएसएस के आवासीय शिविर के छठे दिन स्वयंसेवकों को संबोधित कर रहे थे।
कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधियों में भी अनिवार्य रूप से हिस्सा लेना चाहिए। खेलों के साथ सांस्कृतिक क्षेत्र में भी स्वर्णिम भविष्य का निर्माण किया जा सकता है। फिट माइंड-फिट बॉडी का संदेश देते हुए उन्होंने विद्यार्थियों के चहुंमुखी विकास पर बल दिया। सांस्कृतिक संध्या में शिविरार्थियों ने बेहतरीन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी। एनएसएस सैल की कार्यक्रम समन्वयक डाॅ. सविता राठी ने प्रतिभागियों को कहा कि एनएसएस से संपूर्ण व्यक्तित्व विकास को बल मिलता है और सेवा की भावना विकसित होती है।
शिविर के छठे दिन के द्वितीय सत्र में आत्मरक्षा प्रशिक्षण और मेहंदी रचाओ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें डीएवी काॅलेज फरीदाबाद की वसुंधरा ने प्रथम, हिंदू काॅलेज सोनीपत की तनू ने द्वितीय व राजकीय महिला महाविद्यालय लाखन माजरा की सरिता ने तृतीय स्थान हासिल किया। कन्या महाविद्यालय खरखौदा की पायल और वैश्य आर्य महिला शिक्षण महाविद्यालय बहादुरगढ़ की अस्तुति को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए। तीसरे सत्र में कौशल प्रशिक्षक संदीप सुनेजा ने कहा कि जीवन जीने की कला सबको सीखनी चाहिए। इस दौरान प्राचार्य डाॅ. मंजुला स्पाह ने शिविरार्थियों को प्रोत्साहित किया कि एनएसएस के माध्यम से मिलने वाले अवसरों का फायदा उठाकर आगे बढ़ें।