सोनीपत। भागदौड़ भरी जिंदगी में जहां अधिकांश लोग केवल अपने दायरे तक सीमित रह गए हैं वहीं कुछ ऐसे प्रवासी भारतीय भी हैं जो हजारों मील दूर रहकर भी अपनी जन्मभूमि से गहराई से जुड़े हुए हैं। सोनीपत के ऐसे कई एनआरआई हैं जो विदेशों में रहते हुए न केवल भारतीय संस्कृति को जीवंत रखे हुए हैं बल्कि युवाओं और जरूरतमंदों को आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। अलग-अलग देशों में रहते हुए भी इन सभी की पहचान आज भी सोनीपत की माटी से जुड़ी संवेदनशील सोच के रूप में बनी हुई है।
पेरिस से जरूरतमंद बच्चों के लिए उम्मीद की किरण
सोनीपत के सेक्टर-14 निवासी तमन्ना जैन वर्तमान में पेरिस में रह रही हैं। उन्होंने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय, लंदन से पीएचडी पूरी की और अक्तूबर 2024 में पेरिस गईं। वह पेरिस में ब्रह्मांड विज्ञान और गुरुत्वाकर्षण की पोस्ट-डॉक्टोरल शोधकर्ता हैं। उनका शोध ब्लैक होल और न्यूट्रॉन तारों जैसे सघन खगोलीय पिंडों की गति पर केंद्रित है। तमन्ना लंबे समय से स्प्रेड स्माइल फाउंडेशन से जुड़ी हैं। पहले वह सोनीपत की झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले बच्चों को पढ़ाने के लिए स्प्रेड स्माइल पाठशाला जाया करती थीं। अब विदेश में रहते हुए भी वह स्वयं और अपने मित्रों के सहयोग से इन बच्चों की आर्थिक सहायता कर रही हैं। तमन्ना बताती हैं कि जब भी समय मिलता है वह ऑनलाइन माध्यम से बच्चों को पढ़ाना जारी रखती हैं। उनकी इस पहल से प्रेरित होकर उनके विदेशी मित्र भी जरूरतमंद बच्चों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं।
लंदन में भारतीय संस्कृति को रखे हुए जीवंत
गांव औरंगाबाद निवासी संजीत शर्मा पिछले 16 वर्षों से लंदन में रह रहे हैं और एक प्रतिष्ठित कंपनी में कार्यरत हैं। वह हरियाणा एसोसिएशन यूके से सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। विदेश में रहकर भी भारतीय व हरियाणवी संस्कृति को जीवंत बनाए रखने का कार्य कर रहे हैं। संजीत शर्मा बताते हैं कि लंदन में रहते हुए वह सामूहिक रूप से होली, दिवाली सहित अन्य पर्वों को पूरे उत्साह से मनाते हैं। इसके साथ ही स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराकर राष्ट्र के प्रति सम्मान प्रकट करते हैं। विभिन्न आयोजनों में हरियाणवी वेशभूषा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति की छटा बिखेरते हैं।
युवाओं को अंतरराष्ट्रीय उड़ान दे रही संगीता
खरखौदा क्षेत्र के गांव रोहणा निवासी डॉ. संगीता दहिया लंदन में रह रही हैं। विदेश में बसने के बावजूद उनका देशप्रेम और सामाजिक सरोकार उन्हें अपनी मातृभूमि से जोड़े हुए है। डॉ. संगीता अब तक हरियाणा के कई युवाओं को लंदन में रोजगार दिलाने में अहम भूमिका निभा चुकी हैं। वह न केवल युवाओं को विदेशी कंपनियों से जोड़ती हैं बल्कि वीजा, कागजी प्रक्रिया, रहन-सहन और रोजगार से जुड़े हर चरण में मार्गदर्शन देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने में सहयोग कर रही हैं। डॉ. संगीता बताती हैं कि उन्होंने पहले भारत में कारोबार शुरू किया था लेकिन परिस्थितियों को देखते हुए लंदन में अवसर तलाशे। आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल होने के बावजूद वह युवाओं को यह एहसास दिलाती हैं कि विदेश में भी अपनों का साथ मिल सकता है। उनका कहना है कि वह भले ही लंदन में रहती हों लेकिन भारतीय संस्कृति और मूल्यों से गहराई से जुड़ी हुई हैं।
फोटो 42: संजीत शर्मा।
फोटो 42: संजीत शर्मा।