सोनीपत। गांव महलाना में सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र की स्थापना कर दी गई है। महलाना भी अब उन अग्रणी ग्रामीण क्षेत्रों की सूची में शामिल हो गया है जहां न्याय और समाधान की सुविधा अब लोगों के दरवाजे पर उपलब्ध होगी। यह केंद्र हरियाणा सरकार के न्याय विभाग और स्थानीय पंचायत के सहयोग से शुरू किया गया है।
इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर छोटे-बड़े विवादों को शांतिपूर्ण, सरल और समयबद्ध तरीके से निपटाना है। केंद्र में प्रशिक्षित और विश्वसनीय मध्यस्थ (मीडिएटर) दोनों पक्षों की बातें निष्पक्षता से सुनकर समाधान की राह सुझाएंगे। इसमें पारिवारिक मतभेद, भूमि संबंधी विवाद, पड़ोसियों के बीच झगड़े, सामाजिक और आपसी टकराव जैसे मामले आपसी संवाद, समझौते और सहमति के आधार पर निपटाए जाएंगे, जिससे ग्रामीणों को अदालतों के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं रहेगी।
मध्यस्थता केंद्र के प्रमुख लाभ
- न्याय तक आसान, सुलभ और किफायती पहुंच
- कोर्ट के बाहर विवादों का त्वरित समाधान
- आपसी रिश्तों में सुधार और विश्वास की बहाली
- समय और संसाधनों की बचत
- गांव में सामाजिक समरसता और भाईचारे को बढ़ावा
ग्रामीणों के लिए जागरूकता कार्यक्रम प्रस्तावित
सीजेएम प्रचेता सिंह ने बताया विधिक सेवा प्राधिकरण की तरफ से जल्द ही जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें ग्रामीणों को मध्यस्थता की प्रक्रिया, इसके लाभ और केंद्र के उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी। सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र की स्थापना से महलाना गांव में न केवल विवाद समाधान का नया अध्याय शुरू हुआ है बल्कि यह कदम ग्रामीण न्याय प्रणाली को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन भी साबित होगा।