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Sonipat News: अब मोहम्माबाद होगा प्रेमसुख नगर

Wed, 29 Jan 2025 01:15 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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फोटो :30: सोनीपत के गांव मोहम्मदाबाद स्थित भगवान प्रेमसुख विद्यापीठ नाम से लगा बोर्ड, अब गांव क
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खरखौदा। प्रदेश सरकार ने गांव मोहम्मदाबाद के ग्रामीणों की छह साल पुरानी मांग पर मोहर लगा दी है। सरकार ने सोनीपत जिले के राई खंड स्थित मोहम्मदाबाद गांव का नाम बदलकर प्रेमसुख नगर रखने की घोषणा की है। इस पर ग्रामीणों में खुशी की लहर है। गांव में कोई मुस्लिम नहीं है, उसके बावजूद गांव का नाम मोहम्मदाबाद था।
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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोशल मीडिया पर संदेश अपलोड कर इसकी जानकारी दी है। ग्रामीणों का कहना था कि उनकी मांग ऐतिहासिक-सांस्कृतिक महत्व को लेकर थी। वर्ष 2011 में गांव मोहम्मदाबाद की जनसंख्या 1526 थी। जिसमें पुरुष 825 एवं महिला 701 तथा 283 रिहायशी मकान थे। समय के साथ इनमें इजाफा हो गया है। हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की तरफ से इस फैसले को मंजूरी दी गई है। नाम बदलने की प्रक्रिया को औपचारिक रूप से अधिसूचित किया गया है। अब जल्द प्रशासनिक और कानूनी रूप से इसे अमलीजामा पहनाया जाएगा।



समुदाय विशेष का परिवार नहीं होने के बाद भी नाम था मुस्लिम

गांव में समुदाय विशेष का परिवार न होने के बावजूद गांव के नाम में मुस्लिम छाप थी। स्थानीय निवासियों ने लंबे समय से इस नाम में परिवर्तन की मांग की थी, जिसे अब राज्य सरकार ने स्वीकार कर लिया है। अब साइन बोर्ड और अन्य प्रशासनिक दस्तावेजों में नाम बदला जाएगा। नए नाम से विकास योजनाओं को गति देने की उम्मीद है। फैसला मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार की क्षेत्रीय संस्कृति और जनता की भावनाओं का सम्मान करने की नीति का एक हिस्सा माना जा रहा है।
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ग्रामीणों में खुशी की लहर

पूर्व सरपंच चतुर्भुज शर्मा की अध्यक्षता में 3 जून 2019 को हुई ग्राम सभा की बैठक में गांव के नाम को बदलने का प्रस्ताव पास किया गया था। इसमें नाम को बदलकर प्रेमसुख नगर रखने का भी प्रस्ताव रखा गया था। ग्रामीण सचिन दहिया, गांव की सरपंच रानी देवी, नंबरदार संतराम, करण सिंह, प्रकाश, पूर्व सरपंच चतुर्भुज शर्मा, उमेश दहिया, पंच ममता व मीना ने बताया कि ग्रामीण गांव के नाम को बदलवाने को संघर्षरत थे।



जैन मंदिर की स्थापना के बाद मांग ने पकड़ा जोर

गांव में जैन मंदिर की स्थापना की गई है। इसके साथ ही यहां संस्थापकों ने भगवान प्रेमसुख विद्यापीठ के नाम से स्कूल का भी संचालन शुरू किया था। भाजपा सरकार के पिछले कार्यकाल के दौरान मंदिर स्थापना करने वालों ने गांव का नाम बदलने की मांग उठाई थी और गांव के नाम को मोहम्मदाबाद से बदलकर प्रेमसुख नगर रखने की मांग की थी। उपेंद्र मुनि महाराज ने इसके लिए लगातार प्रयास किए। पंचायत की तरफ से भेजे गए प्रस्ताव को अब नायब सैनी की सरकार ने मंजूरी दी है।
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