सोनीपत। सरकार ने प्रदेश में विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया का सरलीकरण करते हुए ग्रामीण क्षेत्र में नगराधीश (सीटीएम), तहसीलदार, नायब तहसीलदार, खंड विकास पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) सहित ग्राम सचिव को मैरिज रजिस्ट्रार के रूप में नामित किया है। लोग अपनी सुविधा अनुसार ग्राम सचिव से लेकर बीडीपीओ, नायब तहसीलदार, तहसीलदार और नगराधीश के माध्यम से विवाह पंजीकरण करवा सकते हैं। इससे पहले ग्रामीण स्तर पर केवल तहसीलदार के पास ही विवाह पंजीकरण का अधिकार था। शहरी क्षेत्र के लिए संयुक्त आयुक्त, कार्यकारी अधिकारी, सचिव नगर समिति, तहसीलदार, नायब तहसीलदार नामित रजिस्ट्रार होंगे।
उपायुक्त डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि नागरिक अब अपने विवाह को घर के नजदीक उक्त अधिकारियों के माध्यम से सरकारी कार्यालय में पंजीकृत करवा सकते हैं। मैरिज रजिस्ट्रार की संख्या बढ़ने और घर से कम दूरी के कारण अब विवाह पंजीकरण करवाने वालों के लिए सुविधा के साथ समय की भी बचत होगी। सरकार ने दिसंबर 2020 में सुशासन पहल के तहत विवाह पंजीकरण पोर्टल www.shaadi.edisha.gov.in लांच किया था। उपायुक्त ने बताया कि वर्तमान में अतिरिक्त उपायुक्त-सह-जिला नागरिक संसाधन सूचना अधिकारी (एडीसी-सह-डीसीआरआईओएस) के पास परिवार पहचान पत्र डाटा बेस (पीपीपी-डीबी) में डाटा निर्माण और अपडेट से संबंधित जिम्मेदारियां दी गई हैं। विवाह पोर्टल को परिवार पहचान पत्र डाटा बेस के साथ जोड़ा गया है। विवाह पंजीकरण के लिए एडीसी सह डीसीआरआईओ पीपीपी-डीबी को जिला रजिस्ट्रार के रूप में भी नामित किया गया है। उक्त अधिकारी को ही प्रथम अपीलकर्ता प्राधिकारी की भी जिम्मेदारी दी गई है। इस प्रक्रिया से जिलास्तर पर विवाह पंजीकरण व परिवार पहचान पत्र में तालमेल बन पाएगा, इससे नागरिक को परिवार पहचान पत्र के साथ-साथ विवाह पंजीकरण संबंधित शिकायतों का एक ही स्थान पर समाधान हो पाएगा।