सोनीपत। भीषण गर्मी के बीच पेयजल किल्लत की मिल शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए उपायुक्त डॉ. मनोज कुमार ने मंगलवार को लघु सचिवालय में अधिकारियों की बैठक ली। समीक्षा बैठक के दौरान सामने आया कि नगर निगम अधिकारियों ने आदेशों के बावजूद हेल्पलाइन नंबर जारी नहीं किया और न ही पानी की आपूर्ति बढ़ाई। इस पर उपायुक्त ने नाराजगी जताते हुए नगर निगम के एक्सईएन, संबंधित एसडीओ व जेई को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि शहर में 51 एमएलडी पानी की जरूरत है, जबकि 44 एमएलडी उपलब्ध है। एचएसवीपी अधिकारियों ने बताया कि तीन रेनीवेल से 10 एमएलडी पानी की आपूर्ति सेक्टरों में हो रही है। उनके पास पानी की कोई कमी नहीं है। इस पर उपायुक्त ने निर्देश दिए कि एचएसवीपी अतिरिक्त पानी नगर निगम को मुहैया करवाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि वह जल्द हेल्पलाइन नंबर जारी करें और जहां जरूरत हो वहां अतिरिक्त टैंकरों से पानी की आपूर्ति करें। जिसके लिए प्रत्येक जोन में कम से कम 10 टैंकर सुनिश्चित किए जाएं।
उन्होंने नप, नपा गोहाना, गन्नौर व कुंडली के अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वह भी पेयजल आपूर्ति के लिए अतिरिक्त टैंकरों की व्यवस्था करें। मीटिंग में उपायुक्त डॉ मनोज कुमार ने निर्देश दिए कि वह पेयजल व बिजली से जुड़े सभी एक्सईएन, एसडीओ व जेई 24 घंटे फील्ड में रहेंगे। कहीं से कोई दिक्कत आती है तो तुरंत कार्रवाई करें। उन्होंने बिजली कटों की समस्या पर कहा कि बिजली अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि पेयजल आपूर्ति के समय कोई भी कट न लगे। इसमें तालमेल के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाए।
सिंचाई विभाग व डीडीपीओ को निर्देश दिए कि सभी तालाबों में पानी की कमी न रहे। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी प्रतिदिन शाम को अपने-अपने विभागों से संबंधित रिपोर्ट देंगे। नगर निगम व बीडीपीओ सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल का प्रबंध करें, जहां जरूरत हो प्याऊ लगवाएं। तहसीलदार भी अपनी-अपनी तरफ से प्याऊ व पानी के मटकों की व्यवस्था करवाएंगे।
एसडीएम अपने क्षेत्रों में प्रतिदिन करेंगे पेयजल की समीक्षा
उपायुक्त ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि वह अपने-अपने उपमंडल में प्रतिदिन पेयजल की समीक्षा करेंगे। साथ ही वह नगर निगम, नगर पालिका, पंचायत, बिजली व सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ तालमेल करेंगे। अगर किसी अधिकारियों अथवा कर्मचारियों की कोई लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।