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जेब में पैसे नहीं, घर में राशन का संकट, अब वेतन पर लटक रही तलवार

Thu, 01 Dec 2016 12:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो सोनीपत
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एटीएम के सामने लगी लाइन - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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नोटंबदी के बाद लोगों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। आलम ये है कि देश में कैशलेस व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई नोटबंदी की मुहिम में खुद बैंक ही कैशलेस हो गए हैं। बुधवार को शहर के अधिकतर बैंकों में रुपये या तो पहुंचे नहीं और जहां पहुंचे वहां चंद घंटों में ही समाप्त हो गए।
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इसके चले बैंकों में पैसे लेने की उम्मीद में घरों से निकाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई जगह से लोग घंटों लाइन में लग कर भी खाली हाथ लौटे। लोगों ने बताया कि महीने का अंतिम दिन होने के कारण पैसे खत्म हो गए हैं। वहीं, राशन की भी परेशानी हो रही है। अब लोगों को गुरुवार का डर सता रहा है क्योंकि नोटबंदी के बाद ये पहला सैलरी डे है। अभी तक बैंक की लंबी लाइनों के बाद एक तारीख को क्या स्थिति होगी इसे सोच कर नौकरी पेशा लोग घबराने लगे हैं।

कैश की कमी, बांटे गए 10-10 के सिक्के  
कैश की किल्लत के बीच बुधवार को पंजाब नेशनल बैंक में लोगों को लोगों को 10-10 रुपए के सिक्के बांटे गए। अधिकतर लोगों ने सिक्के लेने से मना कर दिया, परंतु कुछ लोग मजबूरी में अपने साथ हजारों रुपए के 10-10 के सिक्के ले गए। हालांकि कुछ देर के बाद सिक्के भी समाप्त हो गए और लोगों को खाली हाथ ही घर लौटना पड़ा।  
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सैलरी निकालने की रहेगी दिक्कत
विशेषज्ञों के अनुसार कर्मचारियों के वेतन का समय होने की वजह से अगले कुछ दिनों तक कैश से संबंधित समस्याओं और अधिक बढ़ सकती है। वहीं, एटीएम व्यवस्था भी सुधरती नहीं दिख रही है। इसके चलते सरकारी व निजी कंपनियों में काम करने वाले लोगों की समस्या और बढ़ सकती है, क्योंकि बैंकों में कैश की कमी के कारण हर महीने मिलने वाले वेतन में भी देरी होना तय है। इसके कारण घर का खर्च बच्चों की फीस, बिजली, पानी का बिल आदि को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है।

लोगों का आरोप-बैंक मैनेजर सेटिंग से दे रहे पैसे
एक तरफ जहां पैसों की किल्लत को लेकर लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं बैंकों के बाहर खड़े लोगों का कहना है कि बैंक मैनेजर जान पहचान व बड़े लोगों को बिना किसी लाइन के पैसे दे रहे हैं। जिसके कारण पैसे समय से पहले समाप्त हो रहा है।

नहीं निकले पैसे, एटीएम से लौटे बैरंग
लोग बड़ी संख्या में लोग एटीएम से भी बैरंग लौट गए। एटीएम में भी पैसे नहीं थे। इस वजह से परेशानी अधिक बढ़ गई। महीना समाप्त हो चुका है। ऐसे में लोगों को पैसे की आवश्यकता अधिक हो गई है। हालांकि की पिछले दिनों की तुलना में कतारें छोटी हुई हैं। बुधवार को शहर के सभी बैंकों के बाहर भीड़ अधिक थी। एक-एक व्यक्ति का नंबर 20 से 25 मिनट बाद आ रहा था। एटीएम से पैसे निकालने की खबर मिलते ही लंबी कतारें लग जाती हैं।

बैंकों में नकदी की किल्लत से बढ़ी तकलीफ
बैंकों में नकदी की किल्लत है। लोगों को उम्मीद थी कि बुधवार को बैंकों में बड़ी मात्रा में नकदी आ जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कई बैंकों में नकदी ही नहीं है। इस वजह से वहां केवल 500 व 1,000 रुपये के पुराने नोट ही जमा करवाए जा रहे हैं। एटीएम चालू नहीं होने से अधिक परेशानी हो रही है। पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंधक रविराज सिंह ने बताया कि बैंकिंग कार्य सुचारु रूप से चल रहे हैं। किसी तरह की परेशानी नहीं है। नकदी को लेकर कुछ समस्याएं हैं। एटीएम से 2000 रुपए के नए नोट निकल रहे हैं। पहले की तुलना में परेशानी काफी कम हुई है। आने वाले समय में सभी परेशानियां खत्म हो जाएंगी।
कैश ही नहीं मिल रहा
पिछले कई दिनों में बैकों में कैश नहीं आ रहा है। ऐसे में समस्या तो पैदा होगी ही। बार-बार उच्च अधिकारियों को भी अवगत कराया जा रहा है। करीब एक सप्ताह बाद स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है।
नरेंद्र शर्मा, लीड बैंक मैनेजर

एसडीएम को सौंपी जांच
दो बैकों के अधिकारियों के स्टिंग सामने आने के मामले में जिला उपायुक्त ने संज्ञान लेते हुए दोनों बैकों के अधिकारियों की जांच के लिए एक कमेटी गठित कर जांच शुरू करवा दी है। डीसी केएम पांडुरंग जांच एसडीएम निशांत यादव को जांच सौंपी है। डीसी का कहना है कि पूरे मामले का जल्द ही खुलासा किया जाएगा। वहीं, अगर जांच मेें कोई भी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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