रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को बैंकों में कैश लेने के लिए काफी मारामारी रही। हालांकि, सुखद ये रहा कि सोमवार को बैंकों में कैश बंटना शुरू हो गया। जिले भर के बैंकों में सोमवार को करीब 25 करोड़ रुपये के छोटे नोट पहुंचे। इनमें करीब 13 करोड़ रुपये सोमवार को ही उपभोक्ताओं ने निकलवा लिए। अब शेष बचे 12 करोड़ रुपये से मंगलवार को काम चलाया जाएगा। हालांकि, मंगलवार को भी बैंकों में पैसे पहुंचने की उम्मीद है। कुछ बैंकों में सुबह ही कैश बंटना शुरू हो गया तो कई बैंकों में दोपहर बाद प्रक्रिया शुरू हो पाई।
एटीएम ने दी कुछ राहत
बैंकों में कैश पहुंचने के बाद प्रबंधनों के द्वारा इसे एटीएम भी डलवाया गया। काफी बैंकों ने एटीएम में पहली बार दो हजार के नोट भी एटीएम में डाले। एटीएम में कैश मिलने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली , क्योंकि बैंकों के बाहर लंबी लाइन के बावजूद मात्र दो हजार रुपये ही उपभोक्ताओं को दिए जा रहे हैं। ऐसे में एटीएम बेहतर विकल्प है।
सिंडीकेट बैंक जल्द किया बंद तो हंगामा
सेक्टर-14 के सिंडीकेट बैंक के बाहर लोगों ने सोमवार की शाम को जमकर हंगामा किया। हंगामा करने वालों का बैंक पर आरोप था कि बैंक प्रबंधन ने तय समय चार बजे से भी पहले ही बैंक बंद कर दिया। इस कारण दोपहर से ही लाइनों में लगे लोगों को इंतजार के बावजूद कैश नहीं मिल पाया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत करवाया।
सेक्टर-14 निवासी पुष्पा ने बताया कि वह करीब एक बजे पैसे जमा करवाने के लिए बैंक के बाहर लाइन में लगी थी। जब उसका नंबर आने के नजदीक था तो बैंक प्रबंधन ने साढे़ तीन बजे बैंक बंद कर दिया।
अनवर ने बताया कि बैंक प्रबंधन ने लाइन में खड़े लोगों का कैश जमा करना भी जरूरी नहीं समझा। इससे ग्राहकों में रोष है।
आशीष अग्रवाल ने बताया कि वे चार घंटे से लाइन में खड़े थे, लेकिन बैंक अधिकारियों ने उनका कैश जमा करवाना जरूरी नहीं समझा।
सोमवार सुबह बैंकों के पास 25 करोड़ पहुंच गए थे, जिसमें से 13 करोड़ रुपये उपभोक्ताओं द्वारा निकलवा लिए गए। मंगलवार को भी पैसे आने की उम्मीद है। इसके बाद अधिक से अधिक एटीएम चलाने की कोशिश की जाएगी।
नरेंद्र शर्मा, एलडीएम, सोनीपत।