अब कोरोना ने दोबारा से कहर बरपाया हुआ है। इसके बावजूद धरनास्थल पर बैठे किसान न तो मास्क लगाते हैं और न ही सुरक्षित शारीरिक दूरी का ध्यान रख रहे हैं। हालांकि इस बार पहले के मुकाबले किसान काफी कम हैं, लेकिन उसके बावजूद किसानों में बीमारी बढ़ती जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम यहां लगातार दवा बांट रही है। प्रतिदिन करीब 120 किसान बुखार, जुकाम व खांसी की गोलियां ले रहे हैं। कोरोना के लक्षण होने के बावजूद अभी तक एक भी किसान ने जांच नहीं कराई है। धरनास्थल पर स्वास्थ्य विभाग ने दो कैंप लगाए हुए हैं, जिनमें प्रतिदिन करीब 50 किसान वैक्सीन लगवा रहे हैं और वहां अभी तक 1668 किसानों ने वैक्सीन लगवाई है।
भाकियू हरियाणा के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी कहते हैं कि वैक्सीन के लिए कोई किसी को नहीं रोक रहा है और कोई वैक्सीन लगवाना चाहता है तो वह लगवा सकता है, लेकिन धरनास्थल पर मौजूद कोई भी किसान कोरोना जांच नहीं कराएगा।
कुंडली बॉर्डर पर किसानों की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की कई टीमे हैं, लेकिन वहां अभी तक एक भी किसान ने कोरोना जांच नहीं कराई है, जबकि उनसे कई बार जांच के लिए अपील कर चुके हैं। वहां वैक्सीन लगाने के लिए दो कैंप भी लगाए गए हैं। जहां प्रतिदिन किसान पहुंचते हैं और वहां अभी तक 1668 किसानों को वैक्सीन लगाई गई है। - अनविता कौशिक, एसएमओ बढ़खालसा सीएचसी