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बढ़ रहा खतरा: लक्षण दिखने के बाद कोरोना की जांच नहीं करवा रहे किसान, वैक्सीनेशन के लिए आ रहे आगे

Thu, 06 May 2021 12:46 AM IST
रोहतक ब्यूरो अंकित चौहान, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)

सार

प्रशासन के साथ किसान नेताओं की बैठक में अफसरों ने कोरोना जांच कराने की किसानों से अपील जरूर की, लेकिन उसका भी कोई असर नहीं दिख रहा है।
 
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कुंडली बॉर्डर पर धरने पर बैठे किसान। - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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कोरोना का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन सोनीपत में कुंडली बॉर्डर धरनास्थल पर मौजूद एक भी किसान ने अभी तक कोरोना जांच नहीं कराई है। प्रशासन के साथ किसान नेताओं की बैठक में अफसरों ने कोरोना जांच कराने की किसानों से अपील जरूर की, लेकिन उसका भी कोई असर नहीं दिख रहा है।

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हालात यह हैं कि धरनास्थल पर बुखार के साथ ही जुकाम व खांसी होने पर किसान केवल शिविर से दवाई लेकर काम चला रहे हैं। कोरोना के लक्षण होने के बाद भी किसान जांच नहीं करा रहे हैं। यह जरूर है कि वैक्सीन लगवाने के लिए किसानों ने आगे आना शुरू कर दिया है और वहां अभी तक 1668 किसानों ने वैक्सीन लगवाई है। किसान खुद ही वैक्सीन लगवाने के लिए कैंप में पहुंच रहे हैं और यह देखकर ही प्रशासन की कुछ परेशानी कम हुई है।


कृषि कानून रद्द कराने की मांग को लेकर कई राज्यों के किसान पिछले पांच महीने से ज्यादा से कुंडली बॉर्डर पर धरना देकर बैठे हुए हैं। जब किसानों का आंदोलन शुरू हुआ था, उस समय कोरोना का कहर कम होने लगा था, लेकिन उसके बाद भी एक ही जगह पर 40 हजार से ज्यादा किसान होने के कारण बीमारों की संख्या बढ़ने लगी। यहां एक ही दिन में बुखार, खांसी, जुकाम समेत अन्य बीमारियों की करीब 10 हजार गोलियां बांटी जा रही थीं। 

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न मास्क और न सुरक्षित शारीरिक दूरी का हो रहा पालन

अब कोरोना ने दोबारा से कहर बरपाया हुआ है। इसके बावजूद धरनास्थल पर बैठे किसान न तो मास्क लगाते हैं और न ही सुरक्षित शारीरिक दूरी का ध्यान रख रहे हैं। हालांकि इस बार पहले के मुकाबले किसान काफी कम हैं, लेकिन उसके बावजूद किसानों में बीमारी बढ़ती जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम यहां लगातार दवा बांट रही है। प्रतिदिन करीब 120 किसान बुखार, जुकाम व खांसी की गोलियां ले रहे हैं। कोरोना के लक्षण होने के बावजूद अभी तक एक भी किसान ने जांच नहीं कराई है। धरनास्थल पर स्वास्थ्य विभाग ने दो कैंप लगाए हुए हैं, जिनमें प्रतिदिन करीब 50 किसान वैक्सीन लगवा रहे हैं और वहां अभी तक 1668 किसानों ने वैक्सीन लगवाई है।

भाकियू हरियाणा के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी कहते हैं कि वैक्सीन के लिए कोई किसी को नहीं रोक रहा है और कोई वैक्सीन लगवाना चाहता है तो वह लगवा सकता है, लेकिन धरनास्थल पर मौजूद कोई भी किसान कोरोना जांच नहीं कराएगा।
कुंडली बॉर्डर पर किसानों की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की कई टीमे हैं, लेकिन वहां अभी तक एक भी किसान ने कोरोना जांच नहीं कराई है, जबकि उनसे कई बार जांच के लिए अपील कर चुके हैं। वहां वैक्सीन लगाने के लिए दो कैंप भी लगाए गए हैं। जहां प्रतिदिन किसान पहुंचते हैं और वहां अभी तक 1668 किसानों को वैक्सीन लगाई गई है। - अनविता कौशिक, एसएमओ बढ़खालसा सीएचसी
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