फोटो: सोनीपत लघु सचिवालय स्थित तहसील परिसर में टहलते कर्मचारी। संवाद
सोनीपत। महावीर जयंती के कारण सरकारी छुट्टी होने के बाद भी तहसील कार्यालय खुला रहा। वित्त वर्ष के अंतिम दिन कोई रजिस्ट्री नहीं हुई। कर्मचारी तहसील कार्यालय में डाटा अपडेट करने में जुटे रहे। वहीं, तहसीलदार कीर्ति कलेक्टर रेट को लेकर स्टाफ कर्मियों के साथ दिनभर बैठक करती रहीं।
सभी छह तहसीलों के कलेक्टर रेट के ड्राफ्ट में 0 से लेकर 75 फीसदी तक की वृद्धि प्रस्तावित है। हालांकि, 75 फीसदी तक की वृद्धि वाले अधिकांश क्षेत्र कृषि योग्य भूमि वाले हैं। केवल राई स्थित एचएसआईआईडीसी के रिहायशी प्लॉट, सोनीपत तहसील के नांगल खुर्द में लाल डोरे के अंदर व बाहर तथा गन्नौर तहसील के रेलवे रोड से टेलीफोन एक्सचेंज तक के आवासीय क्षेत्र के कलेक्टर रेट में 75 फीसदी तक की वृद्धि की अनुशंसा की गई है।
कलेक्टर रेट के प्रस्तावित ड्राफ्ट में जिन क्षेत्रों में वृद्धि की गई है वे अधिकांश नहरी या फिर चाही और यमुना की धारा वाली कृषि योग्य भूमि हैं। गन्नौर तहसील के बड़ी में राम कृष्णा बिल्डवेल प्राइवेट लिमिटेड की व्यावसायिक भूमि के कलेक्टर रेट में भी 75 फीसदी की बढ़ोतरी की अनुशंसा की गई है।
इसके अलावा नगर निगम क्षेत्र के मामचंद कॉलोनी के कॉमर्शियल प्लॉटों, सब्जी मंडी स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के रेट में भी 75 प्रतशित तक की बढ़ोतरी प्रस्तावित की गई है।
नायब तहसीलदार सुमेश वशिष्ठ ने बताया कि फिलहाल सोनीपत के कलेक्टर रेट अभी फाइनल नहीं हुए हैं। राजस्व विभाग ने सभी रेट रद्द नहीं किए हैं। इस संबंध में उपायुक्त नेहा सिंह के साथ बैठक होनी है। इसके बाद अंतिम निर्णय लेकर साफ्टवेयर अपडेट कर दिया जाएगा।
जिले से कलेक्टर रेट बढ़ाने का प्रस्ताव वहीं का भेजा गया है जिस क्षेत्र में जमीन की खरीद-फरोख्त ज्यादा हुई है। इनमें भी अधिकांश कृषि भूमि और कॉमर्शियल क्षेत्र शामिल हैं।