सोनीपत। कोरोना संक्रमण बढ़ने से मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए बेड तक नहीं मिल रहे हैं। वहीं, दिल्ली में ज्यादा हालात खराब है, जिससे मरीजों को उनके परिजन आसपास के प्रदेशों के अस्पतालों में लेकर पहुंच रहे हैं। दिल्ली से सबसे ज्यादा मरीज सोनीपत में भर्ती कराए जा रहे हैं, क्योंकि सोनीपत के अस्पतालों में काफी बेड खाली हैं। इसके लिए दिल्ली वासी सोनीपत में रहने वाले अपने रिश्तेदारों व सामाजिक संस्थाओं के पास बेड दिलाने के लिए लगातार संपर्क कर रहे हैं। यहां अभी तक 50 से ज्यादा मरीजों को भर्ती कराया जा चुका है। उधर, ऑक्सीजन सिलिंडर लेने के लिए भी दिल्ली के लोग सोनीपत तक दौड़ लगा रहे हैं।
जिले में 300 से ज्यादा बेड सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में खाली हैं वहीं, जिले में ऑक्सीजन की अभी तक कोई कमी नहीं है। जबकि दिल्ली के अस्पतालों में मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड नहीं है तो वहां ऑक्सीजन तक की किल्लत है। इसलिए दिल्ली के मरीजों को परिजनों ने सोनीपत के अस्पतालों में भर्ती कराना शुरू कर दिया है, क्योंकि सोनीपत राजधानी के नजदीक है। सोनीपत में कोई अपने रिश्तेदार के फोन करके अस्पताल में बेड की व्यवस्था करा रहा है तो कोरोना काल में कार्य कर रहीं सामाजिक संस्थाओं के पास लगातार फोन घनघना रहे हैं। दिल्ली से गंभीर हालत में लाए गए करीब 5 मरीजों की तीन दिन में मौत भी हो चुकी है।
ऑक्सीजन सिलिंडर लेने के लिए सोनीपत पहुंच रहे लोग, दोगुने दाम तक देने को हैं तैयार
संक्रमण बढ़ने के साथ ही कई जगह ऑक्सीजन की किल्लत बढ़ने लगी है। सोनीपत में अभी तक ऑक्सीजन की पूरी सप्लाई हो रही है और जिस तरह से पीछे से माल आ रहा है, उसको देखते हुए कंपनी के अधिकारी ने आगे भी इस तरह सप्लाई जारी रखने की बात कही है। यहां ऑक्सीजन के सिलिंडर उपलब्ध हैं और इसका पता करके दिल्ली तक के लोग यहां सिलिंडर लेने पहुंच रहे हैं। वे इसके लिए दोगुने दाम तक चुकाने को तैयार हैं। कंपनी के एमडी ने साफ कर दिया है कि वह सबसे पहले हरियाणा को ऑक्सीजन उपलब्ध कराएंगे और उसके बाद अन्य जगहों के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर दिए जाएंगे।
हमारे पास दिल्ली से काफी फोन आ रहे हैं और मरीजों को अस्पताल में बेड दिलाने के लिए कहते हैं। इसके अलावा कई अन्य लोगों के पास उनके रिश्तेदारों के फोन आए हैं। मरीज की स्थिति को देखते हुए अस्पताल में बेड दिलाए हैं और यहां 50 से ज्यादा मरीज दिल्ली के भर्ती हैं जो सरकारी व प्राइवेट अस्पताल में भर्ती हैं।
- संजय सिंगला, अध्यक्ष, सेफ इंडिया फाउंडेशन
हमारे पास दिल्ली से लोग ऑक्सीजन सिलिंडर लेने लोग आ रहे हैं, लेकिन इस तरह सभी को सिलिंडर नहीं दिया जा सकता है। क्योंकि यह भी पता नहीं होता कि वह मरीज के लिए ही सिलिंडर लेकर जा रहे हैं या नहीं। इसलिए सबसे पहले अस्पताल में ऑक्सीजन की पूर्ति की जा रही है और उसमें भी सबसे पहले हरियाणा के अस्पतालों में पूर्ति होगी।
- राजबीर दहिया, एमडी, दिव्या गैस