फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नोएडा, पंचकूलाा समेत अन्य केंद्र... साइबर ठगी के लिए कॉल सेंटर चलाने वाली महिला व नाइजीरिया का युवक बेंगलूरु से गिरफ्तार

विज्ञापन
विज्ञापन
सोनीपत। ओमैक्स सिटी की महिला को विदेश में नौकरी लगवाने का झांसा देकर ठगी करने के मामले में जांच करते हुए साइबर टीम ने साइबर ठगी के लिए कॉल सेंटर चलाने वाली महिला व नाइजीरियन युवक को बंगलूरू से गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन

आरोपियों को विदेश से पार्सल आने का झांसा देकर रुपये ऐंठते थे। वे फर्जी कागजात पर खुलवाए गए बैंक खातों में रुपये ट्रांसफर करके निकाल लेते थे। नाइजीरियन के युवक के दो अलग-अलग नाम के पासपोर्ट भी मिले हैं। पुलिस मामले में अब तक छह विदेशियों सहित 14 आरोपियों को काबू कर चुकी है। आरोप है कि गिरफ्तार दोनों आरोपी 26 राज्यों के 500 से ज्यादा लोगों से ठगी कर चुके हैं।
साइबर थाना प्रभारी राजीव कुमार ने बताया कि कुमासपुर के पास स्थित ओमैक्स सिटी की रहने वाली आकांक्षा ने 17 जुलाई को मुकदमा दर्ज कराया था कि उन्हें विदेश भेजने व नौकरी दिलाने के नाम पर 7.65 लाख की ठगी की गई है। पुलिस ने ठगी करने वाले गैंग की जानकारी जुटाई। इसमें बंगलूरू के गैंग का नाम सामने आया। इस गैंग को नाइजीरिया में रहने वाले ओडिफ और नेडरू चला रहे थे। पुलिस ने इस गैंग के आठ भारतीय व छह नाइजीरियन गुर्गों को गिरफ्तार कर लिया था। उसके बावजूद ठगी करने वाले गैंग के गुर्गे कॉल सेंटर चला रहे थे। ऐसे में पुलिस ने बंगलूरू में दोबारा से अभियान चलाया। वहां से गैंग के मुख्य हैंडलर और उसकी महिला साथी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मूलरूप से नाइजीरिया फिलहाल बंगलूरू में सिटी साई रतन निवासी रिचर्ड रिक किंग्स उर्फ इशाह सागिर है। वहीं महिला की पहचान बंगलूरू के पृपल श्यामपुर दोदामा निवासी लक्ष्मी के रूप में हुई है। वे दोनों कॉल सेंटर चलाते थे। वे जीएसटी, इंश्योरेंस और एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारी बनकर कॉल करते थे और पॉर्सल के नाम पर रुपये अपने बैंक खातों में डलवाते थे।
विज्ञापन

आरोपियों से ये सामान हुआ बरामद
गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस ने 23 मोबाइल, दो पासपोर्ट, एक लैपटॉप, दो डोंगल, पेन ड्राइव के साथ ही अन्य सामान बरामद किया है। इनके मोबाइल फोन से ठगी के शिकार लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। इतना ही पता लगा है कि वे एक हजार से अधिक मोबाइल सिम प्रयोग कर चुके हैं। आरोपियों ने बताया कि उनके कई शहरों में कॉल सेंटर हैं। उसके आधार पर पुलिस छापा मार कार्रवाई कर रही है।
26 राज्यों में करोड़ों की ठगी का अंदेशा
पुलिस के पास आरोपियों द्वारा की गई ठगी का सही रिकॉर्ड नहीं है। इसके लिए आरोपियों द्वारा प्रयोग किए गए बैंक खातों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। पुलिस को पता लगा कि आरोपी 26 अलग-अलग राज्यों में 500 से ज्यादा लोगों को शिकार बना चुके हैं। वे कमीशन पर काम करते थे। लक्ष्मी को रोजाना तीन से पांच हजार रुपये दिए जाते थे। जबकि रिचर्ड को ठगी का पांच प्रतिशत हिस्सा मिलता था। उनका काम केवल कॉल कराना था। एक अनुमान के अनुसार वे 30 करोड़ रुपये के आसपास की ठगी को अंजाम दे चुके हैं। अब पुलिस उनका रिकॉर्ड संबंधित 26 राज्यों को भेज रही है। वहां से जानकारी के आधार पर इनको उन मुकदमों में भी आरोपी बनाया जाएगा। आरोपी रिचर्ड की मुलाकात लक्ष्मी से चर्च में हुई थी।
पहले नाइजीरिया और बाद में बंगलूरू से कराते थे कॉल
मामले में पता लगा है कि गैंग के गुर्गे पहले नाइजीरिया से कॉल करके पार्सल भेजने की जानकारी लोगों को देते थे। उसके दो दिन बाद बंगलूरू के कॉल सेंटर से लक्ष्मी से कॉल कराई जाती थी। इससे लोगों को भरोसा हो जाता था कि विदेश से पार्सल आ चुका है। पुलिस अब नाइजीरिया में बैठे गैंग के सरगना ओडिफ और नेडरू को लाने की तैयारी कर रहे हैं।
वर्जन
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी रिचर्ड रिक किंग्स ने दो पासपोर्ट बनवाए हैं। पहले वह 2015 में रिचर्ड रिक किंग्स के नाम से पासपोर्ट बनवाकर भारत आया था। कोविड के चलते वह 2019 में लौट गया था। बाद में वर्ष 2021 में इशाह सागिर के नाम से भारत आया है। दोनों पासपोर्ट नाइजीरिया से बने हुए हैं। गैंग में काफी गुर्गे शामिल हो सकते हैं। पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है।
विज्ञापन

- इंस्पेक्टर राजीव सिंह, प्रभारी, साइबर थाना सोनीपत
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें