शहर में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों का जिम्मा सोमवार से नई एजेंसी संभालेगी। जिससे सीसीटीवी कैमरे खराब होते ही ठीक कराया जा सकेगा। इसको लेकर नगर निगम के अफसरों ने टेंडर लगाकर रोहतक की एक एजेंसी को 1.30 करोड़ रुपये का वर्क ऑर्डर जारी कर दिया है।
इससे पहले सीसीटीवी कैमरों की देखभाल करने के लिए दिसंबर 2019 में दो साल के लिए बीएसएनएल को एक करोड़ रुपये का टेंडर अलॉट किया था। लेकिन बीसीएनएल व निगम के बीच खींचतान के कारण सीसीटीवी कैमरों का संचालन ठीक ढंग से नहीं हो सका था। इसके बाद निगम की ओर से नई एजेंसी के लिए टेंडर लगाना पड़ा।
शहर में आपराधिक घटनाएं होने पर खुलासे में सहयोग के अलावा सभी जगहों पर नजर रखने के लिए अगस्त 2018 में 8.80 करोड़ की लागत से 52 स्थानों पर 195 सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए थे। इसका कंट्रोल रूम जिला पुलिस मुख्यालय में बनाया गया है, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण कैमरे लगातार खराब होते जा रहे हैं तो शहर में कई जगह से कैमरे गायब भी हो गए हैं। इन कैमरों के रखरखाव का काम दिसंबर 2019 में बीएसएनएल को दो साल के लिए सौंपा गया था। अब रखरखाव का काम बंद होने से 33 कैमरे खराब पड़े हैं। इनमें से अकेले मुरथल रोड पर सीवर लाइन बिछाने के लिए खुदाई किए जाने से पोल उखड़ने के कारण 22 सीसीटीवी कैमरे बंद हैं। इसलिए नगर निगम ने बीएसएनएल पर कार्य में अनदेखी का आरोप लगाया था।
इन स्थानों पर खराब व क्षतिग्रस्त हैं कैमरे
गीता भवन चौक पर पोल टूटने की वजह से चार कैमरे बंद पड़े हैं। वहीं मुरथल रोड पर सीवर लाइन दबाने के कार्य के चलते कई पोल उखड़ गए हैं। जिसके कारण अकेले मुरथल रोड पर 22 सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े हैं। इसके अलावा गोहाना रोड पर लघु सचिवालय के पास दो, एटलस रोड पर केनरा बैंक के पास पोल टूटने से दो कैमरे बंद पड़े हैं। फाजिलपुर पावर हाउस के पास पोल क्षतिग्रस्त होने से एक सीसीटीवी कैमरा व महाराणा प्रताप चौक पर पोल टूटने से दो सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े हैं। जिनको ठीक करने के लिए बीएसएनएल को दिसंबर 2019 में ठेका अलॉट किया था। रखरखाव के अभाव में सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े हैं।
शहर में सीसीटीवी कैमरों की देखरेख के लिए रोहतक की कंपनी को 1.30 करोड़ रुपये का टेंडर अलॉट कर वर्क ऑर्डर जारी कर दिया है। सोमवार से यह एजेंसी सीसीटीवी कैमरों की देखरेख करने का काम शुरू कर देगी।
- सौरभ नैन, एक्सईएन नगर निगम