सिविल अस्पताल में ऑपरेशन के नाम पर 10 हजार रुपये लेने के मामले में नया मोड़ आ गया है। बुधवार को जांच अधिकारी एवं डिप्टी सीएमओ आदर्श शर्मा ने आरोपी डॉक्टर और शिकायतकर्ता पक्ष को अस्पताल में पूछताछ के लिए बुलाया था। डॉक्टर तो पहुंचे, लेकिन शिकायतकर्ता पक्ष नहीं आया। जांच अधिकारी ने बताया कि आरोपी डॉक्टर ने एक पत्र सौंपा है, जिसमें लड़की अंजलि की मां सरोज और पिता मनोज के हस्ताक्षर हैं। उसमें लिखा है कि उन्होंने 10 हजार रुपये ऑपरेशन के लिए डॉक्टर को नहीं, बल्कि दवा विक्रेता को दिए थे। उधर, शिकायतकर्ता पक्ष इस बात को लिखकर देने से इंकार कर रहा है।
पैसे वापस लेने की बात कहकर कराए गए हस्ताक्षर: सरोज
अंजलि की मां सरोज का कहना है कि जब वह सीएमओ कार्यालय में शिकायत देकर वापस आई तो बेटी अंजली को खानपुर रेफर करने के लिए कागजात तैयार कराए जा रहे थे। तब उनसे कहा गया कि आप लोगों ने पैसे वापस ले लिए हैं। यह लिखकर दे दो। इसके बाद दोनों के हस्ताक्षर करवा लिए गए। हमने यह लिखकर नहीं दिया कि डॉक्टर ने पैसे नहीं लिए। मामले को मोड़ देने का प्रयास किया जा रहा है। इतना ही नहीं, उनके घर रिश्तेदारों को भेजकर समझौते के लिए दबाव बनाया जा रहा है। अगर न्याय नहीं मिला तो चंडीगढ़ जाकर सीएम का दरवाजा खटखटाएंगे।
कच्ची पट्टी कर देते तो नहीं पड़ती ऑपरेशन की नौबत
खानपुर में बेटी की देखभाल कर रही सरोज ने बताया कि खानपुर पहुंचने पर डॉक्टरों ने बताया कि अगर जल्द ही अंजलि की पैर पर कच्ची पट्टी कर दी जाती और बाद में पक्का प्लास्टर कर देते तो हड्डी जुड़ सकती थी। ऐसी स्थिति में ऑपरेशन की नौबत नहीं पड़ती। हालांकि जब तक उसे खानपुर लाया गया, तब तक हड्डी के टूटे जोड़ों के ऊपर खून जम गया था। इस कारण ऑपरेशन कर राड डालने की नौबत आई।
दो दिन से दर्द बढ़ा, अभी छुट्टी नहीं
उधर, आपरेशन के बाद पिछले दो दिन से अंजलि के पैर में दर्द बढ़ गया है। डॉक्टरों ने दवा दी है, लेकिन आराम नहीं हो रहा। ऐसे में अभी खानपुर से उसे छुट्टी नहीं मिल पा रही।
यह था मामला
एक दिसंबर को जैनपुर निवासी सरोज ने सीएमओ को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि 26 नवंबर को उसकी सात वर्षीय बेटी अंजलि छत से गिर गई और उसके दाया पैर की हड्डी टूट गई। संबंधित डॉक्टर ने ऑपरेशन के लिए 12 हजार रुपये की मांग की। डॉक्टर जब राउंड पर थे तो उस समय उसने उन्हें 10 हजार रुपये दे दिये। मंगलवार को उसकी बेटी का ऑपरेशन होना था। ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर ने उसे बाहर से दवाइयां लाने को कहा, जिसकी कीमत हजारों रुपये थी। वे दवा लेकर नहीं आ पाए तो बेटी का ऑपरेशन नहीं किया गया और खानपुर रेफर कर दिया गया। सीएमओ ने इसकी जांच डिप्टी सीएमओ आदर्श शर्मा को सौंप रखी है।
नए सिरे से करेंगे दंपति के बयान दर्ज : जांच अधिकारी
जांच अधिकारी डॉ. आदर्श शर्मा का कहना है कि बुधवार को दोनों पक्षों को बुलाया गया था, लेकिन शिकायतकर्ता पक्ष नहीं आया। उसके गांव में पत्र भेजा गया था। अब दोबारा फिर पत्र भेजा जाएगा। जहां तक आरोपी डॉक्टर द्वारा सरोज और मनोज के हस्ताक्षर का पत्र दिया गया है। उसकी जरूरत पड़ी तो एक्सपर्ट से जांच कराएंगे। साथ ही शिकायतकर्ता पक्ष के नए सिरे से बयान दर्ज होंगे।