नगर परिषद ने शहर के निजी शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों व होटलों की प्रॉपर्टी आईडी के अनुसार संपत्ति कर वसूलने की तैयारी शुरू कर दी है। जिसके लिए नगर परिषद की ओर से नई संपत्ति का सर्वे करवाया जाएगा। उसी के आधार पर संपत्ति कर वसूला जाएगा। अधिकारियों ने कर्मचारियों को इन संस्थानों की प्रॉपर्टी का रिकॉर्ड ऑनलाइन करने के निर्देश दिए हैं। प्रॉपर्टी का रिकॉर्ड ऑनलाइन होने के बाद नोटिस जारी किए जाएंगे।
नगर परिषद अपनी आय को बढ़ाने के लिए लगातार कदम उठा रही है, ताकि शहर में ज्यादा विकास कार्य किए जा सकें। इसके लिए अधिकारियों ने कर्मचारियों को ज्यादा से ज्यादा संपत्ति कर वसूल करने के निर्देश दिए हैं। अब निजी शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों व होटलों की नई आईडी बनाने की तैयारी की जा रही है, ताकि इन संस्थाओं की प्रॉपर्टी का रिकॉर्ड ऑनलाइन किया जा सके। नगर परिषद के पास निजी शिक्षण संस्थानों का प्रॉपर्टी रिकॉर्ड ऑनलाइन नहीं है। जिस वजह से पूरा संपत्ति कर वसूल नहीं किया जा रहा है। रिकॉर्ड ऑनलाइन होने के बाद नोटिस जारी किए जाएंगे।
निजी शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों व होटलों को संपत्ति कर के नोटिस जारी किए जाने हैं। इसके लिए कर्मचारियों को रिकॉर्ड ऑनलाइन करने के लिए कहा गया है। जल्द ही इन संस्थानों का रिकॉर्ड ऑनलाइन कर लिया जाएगा।
दीपक गोयल, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, गोहाना