गन्नौर। अवैध कॉलोनियों की रजिस्ट्री करने के मामले में नायब तहसीलदार पर गाज गिरी है। राजस्व विभाग के वित्तायुक्त ने कार्रवाई करते हुए नायब तहसीलदार शिवराज को निलंबित कर दिया है। अब उन्हें वित्तायुक्त मुख्यालय चंडीगढ़ में उपस्थित होना होगा।
गत दिनों तहसील में रजिस्ट्री करने के नाम पर 200 रुपये प्रति गज वसूली करने की शिकायत पर विधायक निर्मल चौधरी ने तहसील में छापा मारा था। इस दौरान उन्होंने नायब तहसीलदार की ओर से की गई अधिकतर रजिस्ट्रियों में अनियमितताएं पाई थीं। गन्नौर तहसील परिसर में 15 मई को नायब तहसीलदार ने 80 रजिस्ट्रियां की थीं, जिनमें अधिकतर रजिस्ट्रियां शहर की अवैध कॉलोनियों में बिना नगरपालिका से एनओसी लिए हुई मिली थी। जिसके बाद राजस्व विभाग ने कार्रवाई करते हुए नायब तहसीलदार को गन्नौर से हटाकर चंडीगढ़ मुख्यालय से अटैच कर दिया था। अब राजस्व विभाग के वित्तायुक्त ने नायब तहसीलदार को निलंबित कर दिया है।
राई उप तहसील की तत्कालीन रजिस्ट्री क्लर्क निलंबित
वहीं राई उप तहसील में रजिस्ट्रियों में स्टांप ड्यूटी में की गई गड़बड़ी के मामले में राई उप तहसील में रही तत्कालीन रजिस्ट्री क्लर्क सुमन रानी को निलंबित कर दिया है। सुमन रानी फिलहाल गन्नौर तहसील में बतौर रजिस्ट्री क्लर्क तैनात थीं। उपायुक्त की तरफ से जारी आदेश के अनुसार राई उप तहसील में 8 करोड़ 27 लाख 93 हजार 715 रुपये की गड़बड़ी पाई गई हैं। जिसके चलते उन्हें निलंबित किया गया है। निलंबन के दौरान सुमन रानी को उपमंडल अधिकारी (नागरिक) गोहाना कार्यालय में तैनात रहना होगा।
लोकायुक्त से की थी शिकायत
दिल्ली के वरिष्ठ अधिवक्ता यशपाल ने राई उप तहसील में हुई 7 रजिस्ट्रयों में हुई धांधली की शिकायत लोकायुक्त से की थी। जिसकी जांच चीफ स्टांप ऑडिटर सुशील कुमार को सौंपी गई। जांच में पाया गया कि राई की एक कंपनी ने 112 एकड़ जमीन 7 रजिस्ट्रियों द्वारा दूसरी कंपनियों को बेची थी। बेची गई जमीन खाली दर्शायी गई थी, जबकि इसमें से 30 एकड़ पर फैक्टरी लगी थी, जिसका रजिस्ट्रियों में जिक्र नहीं किया गया। उस समय राई उप तहसील में हवा सिंह भांभू ज्वाइंट सब रजिस्ट्रार थे और सुमन रानी रजिस्ट्री क्लर्क थीं। अब 14 जून को राजस्व विभाग ने सोनीपत उपायुक्त को पत्र लिखकर कंपनियों से 8 करोड़ 27 लाख 93 हजार 715 रुपये की रिकवरी करने और रजिस्ट्री क्लर्क पर कार्रवाई करने के आदेश दिए गए। सुमन रानी वर्तमान में गन्नौर तहसील में रजिस्ट्री क्लर्क हैं, इन्हें निलंबित करते हुए गोहाना के एसडीएम कार्यालय में अटैच कर दिया है।शिकायतकर्ता यशपाल ने बताया कि पहले तो अधिकारी मामले को दबाते रहे। बाद में जांच के नाम पर खानापूर्ति की गई। अब रजिस्ट्री क्लर्क को बलि का बकरा बनाते हुए छोटी कार्रवाई की गई है। इस मामले में तत्कालीन ज्वाइंट सब रजिस्ट्रार व उपायुक्त की जिम्मेदारी बनती है। शिकायतकर्ता ने कहा रजिस्ट्रियों में अब भी धांधली की जा रही है। जिसकी तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा।