फोटो 32- सोनीपत के गन्नौर के गांव खेड़ी गुज्जर स्थित सिद्धपीठ तीर्थ सतकुंभा धाम में चल रहे संतक
गन्नौर। सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने सतकुंभा तीर्थ के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह स्थल भारत की धार्मिक विरासत का प्रतीक है। यह सप्तऋषियों की तपस्थली व मानधाता की राजधानी रही है। यहां प्राचीन शिव मंदिर में रावण व मंदोदरी ने भगवान शिव की आराधना की थी।
सांसद ने गांव खेड़ी गुज्जर स्थित सिद्धपीठ तीर्थ सतकुंभा धाम में चल रहे 7वें सतकुंभा उत्सव में शिव स्तोत्र महायज्ञ आहुति दी। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि इस तीर्थस्थल के जीर्णोद्धार व संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियां ऋषि-मुनियों की शिक्षाओं को आत्मसात कर सकें। हरियाणा कला परिषद रोहतक मंडल के अतिरिक्त निदेशक गजेंद्र फोगाट ने कहा कि यह आयोजन धार्मिक आस्था व संस्कृति का अद्भुत संगम है। सतकुंभा उत्सव में हरियाणवी लोकनृत्य व शिव स्तुति से रितु रानी एंड पार्टी के कलाकारों ने मन मोहा। काजल, खुशी, इशिका, रीना, राहुल व मुकेश ने लोकगीतों पर प्रस्तुति दी। पीठाधीश्वर महंत राजेश स्वरूप महाराज मौजूद रहे।