वीसी प्रो. राजेंद्र कुमार अनायत
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सोनीपत। दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विवि मुरथल ने अंतर प्रन्योरशिप व स्टार्टअप पॉलिसी शुरू की है। अब विद्यार्थियों को उद्यमी बनने में मदद मिलेगी। युवा अपने आइडिया व अनुसंधान को व्यवसायिक रूप दे सकेंगे। डीसीआरयूएसटी अब रोबोटिक्स के क्षेत्र में उद्यमी बनने वालों को प्रशिक्षण देने का कार्य करेगा। जो युवा रोबोटिक्स के क्षेत्र में स्टार्ट अप प्रारंभ करना चाहते हैं, उन्हें भविष्य में मुरथल विवि भी सहयोग देगा। विवि की शैक्षणिक परिषद की बैठक में वीसी प्रो. राजेंद्र कुमार अनायत की अध्यक्षता में कई प्रस्ताव पास किए गए।
वीसी प्रो. राजेंद्र कुमार अनायत ने कहा कि डीसीआरयूएसटी को रोबोटिक्स के क्षेत्र में प्रदेश का पहला इंक्यूबेशन सेंटर मिला था। इसके माध्यम से प्रबंधन प्रशिक्षण, कार्यालय स्थान और सलाह प्रदान करके स्टार्टअप कंपनियों की मदद की जाएगी। स्वचालन, चिकित्सा, रक्षा, परिवहन, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, मानव रहित वाहन संगणना और कृषि के क्षेत्र में उभरती हुई कंपनियां लाभान्वित होगीं। अंतर प्रन्योरशिप व स्टार्टअप पॉलिसी पास होने व अंतराल वर्ष की सुविधा मिलने से युवा अपने आइडिया व अनुसंधान को व्यावसायिक रूप देने में सक्षम हो पाएंगे। इससे राष्ट्र व प्रदेश के विकास को बढ़ावा मिलेगा।
इंक्यूबेशन सेंटर के प्रधान अन्वेषक डॉ. पवन कुमार दहिया ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में विवि ने रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ द चीजों के क्षेत्र में योग्यता हासिल की है। विवि में ई-यंत्र लैब एमएचआरडी और आईआईटी बॉम्बे के सहयोग से स्थापित किया गया है। रोबोटिक्स के लैब के कारण छात्रों ने राष्ट्रीय और अंतरर्राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित रोबोटिक्स प्रतियोगिताओं में कई पुरस्कार प्राप्त किए हैं।