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मुरथल विवि में शुरू होगी उत्तर भारत के तकनीकी शिक्षकों की ट्रेनिंग

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मुरथल विवि में सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करते रजिस्ट्रार डॉ. आरडी कौशिक - फोटो : Sonipat
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सोनीपत। उत्तर भारत के तकनीकी शिक्षकों को दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विवि मुरथल में ट्रेनिंग करवाई जाएगी। मुरथल विवि तकनीकी शिक्षकों की ट्रेनिंग करवाने वाला प्रदेश का एकमात्र विवि बन गया है। विवि में शैक्षणिक सत्र में 10 फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन किया जाएगा।
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एआईसीटीई ने तकनीकी संस्थानों के शिक्षकों को ट्रेनिंग देने के लिए टीचर ट्रेनिंग पॉलिसी बनाई थी। जिसके लिए देश भर में केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मुरथल विवि को उत्तर भारत के तकनीकी शिक्षकों की ट्रेनिंग के लिए केंद्र बनाया है। अब उत्तर क्षेत्र के राज्यों के तकनीकी शिक्षक विवि में ट्रेनिंग करेंगे। मुरथल विवि को टीचर ट्रेनिंग का केंद्र बनाने को लेकर एआईसीटीई व डीसीआरयूएसटी के मध्य सहमति पत्र पर हस्ताक्षर हुए।
टीचर ट्रेनिंग का केंद्र बनने से तकनीकी शिक्षकों को शिक्षा की नवीनतम तकनीक की जानकारी मिलेगी। ट्रेनिंग का लाभ उठाकर तकनीकी शिक्षक अपने शिक्षण संस्थान में गुणवत्तापरक शिक्षा प्रदान करेंगे, जिसका लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा। ट्रेनिंग के सहारे शिक्षक भी गुणवत्तापरक शिक्षा देंगे, जिसको प्राप्त करने के बाद विद्यार्थी स्वयं उद्यमी बन सकेंगे और दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाएंगे। इस दौरान रजिस्ट्रार डॉ. आरडी कौशिक, शैक्षणिक अधिष्ठाता प्रो. राजकुमार, प्रो. पवन दहिया व वित्त नियंत्रक डॉ. दिनेश सिंह आदि उपस्थित रहे।
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वीसी प्रो. राजेंद्र कुमार अनायत ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में शिक्षक की अहम भूमिका होती है। हम शिक्षक को राष्ट्र निर्माता कह सकते हैं। ट्रेंड टीचर्स दुनिया और परिस्थितियों के मुताबिक देश का पुनर्निर्माण कर सकते हैं। फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम में डीसीआरयूएसटी के शिक्षक भी अपना अहम योगदान देंगे। वैश्विक प्रतिस्पर्धा में वही देश आगे है जो तकनीकी शिक्षा में सर्वश्रेष्ठ है। गुणवत्तापरक तकनीकी शिक्षा राष्ट्र को सशक्त बनाने में अहम योगदान अदा करती है।
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