गन्नौर/सोनीपत। सीआईए-2 स्टाफ ने गांव राजलूगढ़ी-लल्हेड़ी चौक के पास से हत्या, हत्या के प्रयास और लूट समेत 15 मामलों में वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी गांव राजलूगढ़ी का रहने वाला कुलदीप उर्फ कल्दू है। आरोपी पर प्रेम प्रसंग में महिला के चाचा ससुर की हत्या करने का आरोप है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर ही है। उसके खिलाफ अवैध शस्त्र अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया गया है।
सीआईए-2 प्रभारी विवेक मलिक ने बताया कि उनकी टीम में शामिल एएसआई बिजेंद्र सिंह, सिपाही प्रदीप, कृष्ण और दिनेश के साथ राजलूगढ़ी-लल्हेड़ी चौक पर गश्त कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली थी कि कुख्यात कुलदीप उर्फ कल्दू अवैध हथियार लेकर यहां से गुजरने वाला है। जिस पर टीम ने कार्रवाई करते हुए नाकाबंदी कर दी। इसी बीच आरोपी गुजरने लगा तो पुलिस ने उसे काबू कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से अवैध पिस्तौल और तीन कारतूस बरामद किए। पुलिस ने उसके खिलाफ बड़ी औद्योगिक क्षेत्र थाने में शस्त्र अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
आरोपी कुलदीप उर्फ कल्दू पर 21 जून की रात को गांव एक व्यक्ति की हत्या करने का आरोप है। एक व्यक्ति ने 22 जून को पुलिस को बताया था उसकी पत्नी के कुलदीप उर्फ कल्दू के साथ संबंध थे। कुलदीप धमकी देकर उसकी पत्नी के पास रहता था। उसने बताया था कि 21 जून की रात करीब 10 बजे उसकी पत्नी के साथ उसका झगड़ा हो गया था। जिसके बाद पत्नी ने कुलदीप को फोन कर उसके घर बुला लिया था। जिस पर कुलदीप अपने साथियों और अपनी मां के साथ उनके घर में घुस गया था और तेजधार हथियार से उसके चाचा, मां और उस पर हमला कर दिया था। जिसमें उसके चाचा की मौत हो गई थी। पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले में कुलदीप की मां को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी कुलदीप फरार था।
तीन हत्याओं समेत 15 मामलों में नामजद
आरोपी कुलदीप तीन हत्याओं समेत 13 मामलों में नामजद रहा है।
-कुलदीप उर्फ कल्दू पर वर्ष 2009 में अपने साथी लल्हेड़ी के मोनू, राजलूगढ़ी के नरेश, भठगांव के अशोक और संदीप के साथ मिलकर नन्हा नाम के व्यक्ति की गोली मारकर हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ।
-वर्ष 2011 में कुलदीप को तीन बार अवैध पिस्तौल समेत काबू किया गया। उसके खिलाफ तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए।
-वर्ष 2012 में कुलदीप के खिलाफ अपने साथियों मोनू, देवराज, सुशील, अरुण, संदीप और राजेश के साथ मिलकर गांव राजलूगढ़ी के रहने वाले अमित की गोली मारकर हत्या करने का मुकदमा दर्ज हुआ।
-वर्ष 2013 में कुलदीप ने अपने साथी देवराज व अशोक के साथ मिलकर गवाह कर्मवीर पर गोली चलाई थी। जिसमें वह बच गया था। मामले में आरोपी पर हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हुआ था।
-वर्ष 2013 में कुलदीप और उसके साथी मोनू लल्हेड़ी, देवराज, अमित, मदन को लूटपाट का षड्यंत्र रचते काबू किया गया था। मामले में उसे 2014 में जमानत मिल गई थी।
-वर्ष 2016 में कुलदीप को गांव में गोली चलाने के एक मामले में काबू किया था, जिसमें वह अदालत से गैर हाजिर चल रहा था।
-वर्ष 2017 में कुलदीप को पुलिस ने अवैध पिस्तौल सहित पकड़ा था और उस केस में भी वह अदालत से गैर हाजिर चल रहा था।
-वर्ष 2017 में कुलदीप उर्फ कल्दू को महावीर नाम के व्यक्ति से फिरौती मांगने के आरोप में भी गिरफ्तार किया गया था। उस मामले में भी वह अदालत से गैर हाजिर चल रहा था।
-वर्ष 2018 में कुलदीप ने अपने साथी सचिन और राहुल निवासी राजलूगढ़ी के साथ मिलकर एक लड़के की चद्दर से गला दबाकर हत्या कर दी थी। जिसमें उसके परिजनों ने पुलिस में मुकदमा दर्ज नहीं कराया था।
-वर्ष 2018 में कुलदीप उर्फ कल्दू को अवैध पिस्तौल के साथ गिरफ्तार किया गया था।
-वर्ष 2018 में कुलदीप उर्फ कल्दू ने अपने साथी कुलदीप के साथ मिलकर अजय उर्फ जोजू नाम के युवक को चाकू मारकर घायल किया था। जिसमें हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसमें दोनों पक्षों में समझौता हो गया था।
-वर्ष 2018 में कुलदीप उर्फ कल्दू ने अपने दोस्त कुलदीप के साथ मिलकर गढ़ी गन्नौर के रहने वाले नन्हा पर गोली चलाई थी। नन्हा के साथ गाड़ी को लेकर कोई लेनदेन का विवाद था।
-वर्ष 2019 में कुलदीप उर्फ कल्दू पर राहुल, सतीश, रोशनी व अन्नू के साथ मिलकर राजलूगढ़ी में एक व्यक्ति की चाकू से हमला कर हत्या का आरोप है, जिसमें वह फरार था।