सोनीपत। नगर निगम चुनाव को लेकर वार्डों के आरक्षण का ड्रॉ होने के बाद शहरी राजनीति में उफान आने लगा है। राजनीतिक दल जहां अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं वहीं टिकट की आस लगाए दावेदारों की सक्रियता भी बढ़ गई है। पार्टी कार्यालयों से लेकर शीर्ष नेताओं के आवास तक संभावित उम्मीदवारों की आवाजाही तेज हो गई है।
नगर निगम के चुनाव को लेकर हुए ड्रॉ के अनुसार 22 वार्डों में से 15 वार्ड सामान्य वर्ग के लिए रखे गए हैं। इसके अलावा 4 वार्ड अनुसूचित जाति (एससी), 2 वार्ड पिछड़ा वर्ग-ए और 1 वार्ड पिछड़ा वर्ग-बी के लिए आरक्षित किया गया है।
इस आरक्षण व्यवस्था ने कई राजनीतिक समीकरणों को बदल दिया है। कुछ दावेदारों ने राहत की सांस ली है जबकि कई मौजूदा पार्षदों और इच्छुक उम्मीदवारों की उम्मीदों को झटका लगा है।
भाजपा ने बुलाई बैठक, समीकरणों पर किया मंथन
ड्रॉ के तुरंत बाद भाजपा ने संगठनात्मक स्तर पर मंथन शुरू कर दिया है। पार्टी नेतृत्व ने जिलास्तरीय बैठक बुलाने का निर्णय लिया है जिसमें वार्ड वार स्थिति का आकलन किया जाएगा। पार्टी सूत्रों के अनुसार उम्मीदवार चयन में जीत की क्षमता, संगठन में पकड़ और सामाजिक संतुलन को प्राथमिकता दी जाएगी। आरक्षित वार्डों के लिए उपयुक्त चेहरों की तलाश भी तेज कर दी गई है। जिला अध्यक्ष अशोक भारद्वाज ने बताया कि एक-दो दिन में जिलास्तरीय पर बैठक बुलाकर चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।
कांग्रेस कमेटी ने टटोलने शुरू की नब्ज
कांग्रेस भी चुनाव तैयारी में पीछे नहीं है। पार्टी की स्थानीय कमेटी ने वार्ड वार फीडबैक जुटाने शुरू कर दिया है। कांग्रेस यह आकलन कर रही है कि किन वार्डों में संगठन मजबूत है और कहां नए सिरे से ऊर्जा भरने की जरूरत है। आरक्षण के चलते जिन वार्डों में पुराने दावेदार बाहर हो गए हैं वहां नए चेहरों को आगे लाने पर विचार किया जा रहा है। कांग्रेस कमेटी में जिला अध्यक्ष कमल दिवान व संजीव दहिया के अलावा सांसद सतपाल ब्रह्मचारी, पूर्व विधायक सुरेंद्र पंवार, जयवीर वाल्मीकि और जयभगवान आंतिल सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
आप ने सभी वार्डों से मांगे आवेदन
आम आदमी पार्टी ने भी नगर निगम चुनाव को गंभीरता से लेते हुए संगठनात्मक बैठक कर मंथन किया है। पार्टी ने सभी 22 वार्डों से इच्छुक उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। आप का फोकस स्थानीय मुद्दों, साफ-सुथरी छवि और जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं पर बताया जा रहा है। नगर निगम चुनाव को लेकर आयोजित बैठक में प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं जिला प्रभारी सुरेंद्र अहलावत तथा जिला अध्यक्ष रणबीर छिक्कारा मौजूद रहे। बैठक में चुनावी रणनीति, संगठन की मजबूती, वार्ड व बूथ प्रबंधन और जनसंपर्क अभियान पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
दावेदारों की बढ़ी सक्रियता
ड्रॉ के बाद सबसे अधिक हलचल संभावित उम्मीदवारों में देखने के लिए मिल रही है। कई दावेदार अपने वार्ड के आरक्षण से उत्साहित हैं तो कुछ अब वैकल्पिक वार्डों की तलाश में जुट गए हैं। कुछ नेताओं ने तो वार्ड बदलकर चुनाव लड़ने की संभावनाएं भी टटोलने शुरू कर दी है। इसी कड़ी में जिला पार्षद संजय बड़वासनिया ने वीरवार को दिल्ली पहुंचकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा और रोहतक सांसद दीपेंद्र हुड्डा से मुलाकात की। संजय ने नगर निगम चुनाव में पार्षद पद के लिए अपनी पत्नी के लिए टिकट की मांग रखी। आरक्षण ड्रॉ के बाद बदले सियासी समीकरणों ने सॉफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में नगर निगम चुनाव को लेकर सोनीपत की राजनीति और अधिक गरमाने वाली है।