देशभर में मजबूत स्टील के बर्तन और अन्य चीजें बनाने के लिए मशहूर कुंडली की औद्योगिक इकाइयां, फूड इंडस्ट्री में पर्याय बन चुके राई के उद्योग और डाइंग यूनिट में बड़ी औद्योगिक क्षेत्र प्रदेश में पहचान बना चुके हैं। तीनों ही जगह के उद्योगपति बुधवार को एक ही छत के नीचे इकट्ठे हुए। मौका था अमर उजाला एमएसएमई कॉन्क्लेव-2016 के तहत आयोजित बैठक का। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों से जुड़े उद्योगपति कुंडली स्थित एसोसिएशन के कांफ्रेंस हॉल में पहुंचे थे। इस दौरान उद्योगपतियों ने अपनी समस्याएं रखीं और निवारण मांगा। इस दौरान कई उद्योगपतियों ने प्रशासन के नाम सुझाव भी पेश किए। खास बात यह रही कि सभी उद्योगपतियों की कुछ समस्याएं एक समान थी, जिसमें सड़कें, सीवर और पानी की समस्या मुख्य थी। दूसरी ओर राई के उद्योगपतियों ने मौजूदा समय में नगर निगम में शामिल होने के कारण प्रॉपर्टी टैक्स की दिक्कतों से अवगत कराया। कुंडली वालों ने बताया कि किस तरह से उन्होंने चार साल पहले आंदोलन शुरू किया था और अब जाकर वे सब कुछ कर रहे हैं, लेकिन अपने दम पर। बड़ी औद्योगिक क्षेत्र की एसोसिएशन की तरफ से बताया गया कि कैसे उन्हें डाइंग यूनिट के लिए पानी की समस्या झेलनी पड़ रही है। बैठक के दौरान कुंडली इंडस्ट्रियल मैन्यूफैक्चर्स एसोसिएशन के सचिव रवि गुप्ता, राई इंडस्ट्रियल मैन्यूफैक्चर्स एसोसिएशन के प्रधान राकेश देवगन, सचिव अरविंद मनचंदा, बड़ी इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के उपप्रधान अनिल भारद्वाज स्माल स्केल इंडस्ट्रियल मैन्यूफैक्चर्स एसोसिएशन के प्रधान भूपेंद्र सिंह, स्टील उद्योगपति पवन कंसल, राजीव बजाज, गौरव जैन, एमसी सचदेवा, अलोक गुप्ता आदि मौजूद रहे।
ये रखी समस्याएं और सुझाव
सिंगल विंडो सिस्टम और मेट्रो कनेक्टिविटी
कहते हैं कि करनाल तक एनसीआर है, लेकिन सोनीपत में ही हमें रोमिंग लगती है। इंडस्ट्री की पॉलिसी का आधार नहीं है। अगर आधार मिले तो उद्योगपतियों का भला हो सकता है। एक उद्योगपति को कुछ फायदा होगा तो उसके पास काम करने वाले सैकड़ों मजदूरों को भी लाभ मिलेगा। इस दौरान सबसे मुख्य मांग सिंगल विंडो सिस्टम और मेट्रो कनेक्टिविटी की थी। उद्योगपतियों ने बताया कि लगभग हर उद्योगपति का 80 प्रतिशत से अधिक समय और ऊर्जा अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने में खर्च हो जाता है। जरूरी है कि सिंगल सिस्टम मुहैया हो, ताकि समय और ऊर्जा बच सके। दूसरी सबसे मुख्य मांग मेट्रो कनेक्टिविटी की थी। राई और कुंडली से मेट्रो तक की बस सुविधा होनी चाहिए, ताकि दिल्ली से आने वाले किसी भी कर्मचारी को परेशानी न हो।
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टैक्स दो-दो मांग रहे, काम कोई नहीं कर रहा
कॉन्क्लेव के दौरान राई इंडस्ट्रियल मैन्यूफैक्चर्स एसोसिएशन के प्रधान राकेश देवगन ने बताया कि हाल ही में सोनीपत को नगर निगम का दर्जा मिला है। इसके बाद राई इंडस्ट्रियल एरिया नगर निगम में शामिल हो गया। पहले हम लोग एचएसआईडीसी को डेवलेपमेंट चार्ज देते थे, अब नगर निगम प्रॉपर्टी टैक्स मांग रहा है। टैक्स हम दोनों को दे रहे हैं, लेकिन काम कोई नहीं कर रहा।