सोनीपत। लोकसभा सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने सोमवार को पद की शपथ लेते हुए भारतीय संस्कृति के तहत साधु संतों की परंपरा का ख्याल रखा। उन्होंने संसद में साधुओं की वेशभूषा में संस्कृत भाषा में शपथ ली। हालांकि वह आमतौर पर भी इसी तरह की वेशभूषा में नजर आते हैं। वहीं सांसद सतपाल ब्रह्मचारी का संस्कृत भाषा में शपथ लेना चर्चा का विषय बना है। वह एकमात्र ऐसे सांसद रहे, जिन्होंने संस्कृत भाषा में शपथ ली।
संसद में सोमवार को नए सांसदों के लिए शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के कई सांसदों ने अलग-अलग भाषाओं में सांसद पद की शपथ ली। सोनीपत लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए कांग्रेस के सतपाल ब्रह्मचारी ने पद की शपथ लेते हुए संस्कृत भाषा का प्रयोग किया। सतपाल ब्रह्मचारी हरिद्वार में आश्रम चलाते हैं, जिन्हें कांग्रेस ने भाजपा प्रत्याशी मोहनलाल बड़ौली के सामने मैदान से उतारा था। सतपाल ब्रह्मचारी ने 20 हजार से ज्यादा मतों से जीत दर्ज करवाई थी।