नेता भले ही जनता की समस्याओं को दूर करने के बड़े-बड़े दावे करते हो, लेकिन जब वह जनता का वोट लेकर जीत जाते हैं तो उस जनता के लिए ही अपने घर तक आने के रास्ते बंद कर देते हैं। फिलहाल शहर के सेक्टर 14 व 15 में तो कुछ ऐसा ही देखने को मिलता है। जहां भाजपा सांसद व विधायक, कांग्रेस विधायक, पूर्व विधायकों के परिजनों व अन्य नेताओं ने अपने घरों की तरफ जाने वाले रास्तों पर गेट लगवाकर ताला जड़ दिया है। इसके चलते जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है और उक्त गेटों पर दिनभर ताला लगा होने के चलते लोगों को लंबे चक्कर लगाने पड़ते हैं। निगम कमिश्नर ने मामला सामने आने पर खुद ही कहा कि यह पूरी तरह से गलत है और इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे अवैध तरीके से गेट नहीं लगवाए जा सकते हैं।
शहर में सेक्टर 14 व 15 को वीआईपी माना जाता है, क्योंकि इन दोनों सेक्टरों में अधिकतर नेताओं के घर हैं। यह दोनों सेक्टर पुराने होने के कारण कुछ साल पहले नगर निगम के पास चले गए थे और अब इनकी देखरेख की पूरी जिम्मेदारी नगर निगम के पास ही है। इन सेक्टरों में कोई भी विकास व निर्माण कार्य होगा तो उसकी अनुमति नगर निगम से मिलती है। इन दोनों सेक्टरों में जितनी भी सड़कें नेताओं के घरों की तरफ जाती है, उन पर अवैध रूप से गेट लगा लिए गए हैं। जबकि नियमों के अनुसार किसी भी रास्ते में गेट लगाना होगा तो उसके लिए रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के पास एक प्रार्थना पत्र दिया जाएगा और उसका एक प्रस्ताव एसोसिएशन से अधिकारियों को दिया जाएगा। उसके आधार पर गेट लगाने की मंजूरी मिलती है। वह गेट भी इस शर्त पर लगाया जा सकता है कि उसे सुबह पांच बजे से रात दस बजे तक खोलकर रखना होगा और उसे बंद रखा जाएगा तो उस पर चौकीदार दिनभर बैठाना होगा। लेकिन नेताओं के घरों की तरफ जाने वाली सभी गलियों पर अवैध रूप से गेट लगवा दिए गए हैं और जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
सांसद, विधायकों व वाइस चेयरमैन के कारण जनता सबसे ज्यादा परेशान
सेक्टर 14 की मुरथल रोड से सबसे पहली गली में सांसद रमेश कौशिक और हरियाणा सार्वजनिक ब्यूरो के वाइस चेयरमैन ललित बत्रा के आवास हैं। यह गली सेक्टर 14 को सेक्टर 15 के डिवाइडर रोड से जोड़ती है। लेकिन इसके दोनों तरफ लोहे के गेट लगाकर बंद किया हुआ है। सांसद से मिलने आने वाले अंदर नहीं जा सकते हैं तो अन्य घरों में आने वाले लोगों को अन्य रास्तों से घूमकर उस गली में पहुंचना पड़ता है। मुरथल रोड से सेक्टर 15 के पहले रास्ते में शहर से कांग्रेस विधायक सुरेंद्र पंवार का आवास है, जहां तो सबसे बुरे हालात हैं। कांग्रेस विधायक के आवास की तरफ आने वाले चारों रास्तों पर गेट लगा दिया गया है, जिनमें से तीन गेट पूरी तरह से बंद हैं। जबकि उनमें से केवल एक गेट को खुला रखा जाता है, जबकि यहां सैकड़ों मकान हैं और यहां आने वालों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है। सेक्टर 15 में भाजपा विधायक मोहनलाल बड़ौली का आवास है। विधायक बनने से पहले इनके यहां लगा गेट हमेशा खुला रहता था। लेकिन विधायक बनने के बाद यह गेट बंद कर दिया गया। अब उनके पास मिलने जाने के लिए सेक्टर 15 के मेन रोड से होकर जाना पड़ता है। पूर्व मंत्री कविता जैन के आवास की तरफ जाने वाले रास्ते का गेट भी कुछ लोगों ने बंद कर दिया, लेकिन कविता जैन ने अपने घर के पास का गेट बंद करने का विरोध किया तो उसे बंद नहीं किया जा सका। जबकि आसपास के गेट बंद देखकर पूर्व विधायक के बेटे के घर की तरफ जाने वाले रास्ते का गेट भी बंद कर दिया गया। इस तरह सेक्टर में हर 10 घर के बाद गेट लगातार रास्ते बंद कर दिए गए हैं।
सेक्टर 15 में सभी गेट अवैध लगे, मैं शिकायत भी कर चुका
सेक्टर 15 रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान केएस सांगवान ने बताया कि सेक्टर में अवैध रूप से गेट लगातार बुरे हालात कर दिए गए हैं और एसोसिएशन से किसी ने अनुमति नहीं ली है। यहां गेट लगाकर बंद कर दिए जाते हैं और मैंने खुद अधिकारियों के पास शिकायत करने पर कुछ नहीं होने के कारण कोर्ट तक याचिका डाली। कोर्ट से दबाव होने पर गेट खोल दिए गए, लेकिन इसमें कार्रवाई होने के बाद ही स्थिति ठीक हो सकती है।
सेक्टर 14 में एसोसिएशन से पूछकर कोई गेट नहीं लगा, गलत तरीके से लगाए
सेक्टर 14 रेजिडेंट वेल्फेयर एसोसिएशन के प्रधान गुलशन छाबड़ा ने कहा कि सेक्टर में एसोसिएशन से पूछकर कोई गेट नहीं लगाया गया है। जितने भी गेट लगाए गए हैं, वह सभी गलत तरीके से लगाए गए हैं। यह जरूर है कि किसी ने गेट लगा भी लिए हैं तो उनको दिन में खोलना चाहिए, जिससे लोगों को कोई परेशानी नहीं हो।
सेक्टरों में किसी ने गेट लगवाए हैं तो वह पूरी तरह से गलत है। ऐसे कोई अपनी मर्जी से गेट नहीं लगवा सकता है। इस बारे में मुझे अभी तक कोई जानकारी नहीं थी और अब यह मामला जानकारी में आया है। इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
-जगदीश शर्मा, कमिश्नर नगर निगम।