राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य शुरू हो गया है, लेकिन अभी तक लोगों को अधिग्रहण की गई जमीन का मुआवजा नहीं मिला है। जिसके लिए लोग प्रशासन व सरकार से मुआवजा दिलाने की मांग कर रहे हैं। अब मुआवजा नहीं मिलने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू होने से प्लाट धारक महिला ने ठेकेदार के खिलाफ थाने में तहरीर दी है तो एक अन्य महिला ने ठेकेदार के खिलाफ सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज कराई है।
राष्ट्रीय राजमार्ग 334बी पर तेजी से काम शुरू कर दिया गया है। एनएचएआई जिस तरह बिना मुआवजा दिए लोगों की जमीन पर मार्ग निर्माण की कार्रवाई को शुरू करवाया गया है, इसको लेकर लोगों में रोष है। वहीं लोगों ने अब अपनी जमीन का मुआवजा लेने के लिए शिकायत भी कर रहे हैं। खरखौदा वार्ड-6 के रहने वाले चंद्रपति का कहना है कि शहर के बाईपास स्थित गोपालपुर-दिल्ली चौक के बीच उसका 180 वर्ग गज का प्लाट था, जिस पर उसने मिट्टी का भरत भी करवाया हुआ था। इस जमीन को राष्ट्रीय राजमार्ग 334बी के निर्माण के लिए अधिग्रहित किए जाने का नोटिस उन्हें मिला था, लेकिन अभी तक इसका मुआवजा उन्हें नहीं मिल पाया है। जबकि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इस प्लाट पर सड़क निर्माण शुरू कर दिया है। चंद्रपति ने मामले की शिकायत सीएम विंडों में दी है। वहीं पिछले सप्ताह भी एक प्लाट धारक मीना राठी ने ऐसे ही मामले को लेकर एक शिकायत पुलिस को दी है।
नुकसान की भरपाई के लिए जाएंगे कोर्ट
एनएचएआई की तरफ से जिस कंपनी को निर्माण का जिम्मा सौंपा गया है। उसके द्वारा जमीन मालिकों को मुआवजा दिए बिना ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। जमीन मालिकों का कहना है कि ऐसी कार्रवाई करने से न केवल उनकी नींव व चहारदीवारी नष्ट हो गई है, बल्कि किया गया मिट्टी भराव भी साफ कर दिया गया है, जिससे उन्हें नुकसान भी हुआ। ऐसे में अब उन्हें कोर्ट की शरण लेनी होगी।
अधिग्रहण से कुछ जमीन रह गई थी, जिसका बाद में नोटिफिकेशन करवाया गया। ऐसे में बहुत से जमीन मालिकों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला होगा। 250 करोड़ रुपये उन्होंने राजस्व विभाग को जमा कराए हैं। बगैर मुआवजा दिए जिन खेतों व प्लाटों में ठेकेदार ने नुकसान किया है, उनका असेस्मेंट कराया जाएगा। नुकसान का पैसा भी उन्हें असेस्मेंट के हिसाब से नियमों के मुताबिक मिलेगा। कांट्रैक्टर कंपनी को भी नियमानुसार ही कार्रवाई करनी चाहिए। ऐसे प्लाटों व जमीन को समतल न करें, जहां पर अभी मुआवजा नहीं दिया गया है।
- आनंद दहिया, मैनेजर एनएचएआई।