सोनीपत। करीब ढाई साल बाद नगर निगम ने बंदर पकड़ने का अभियान शुरू किया है। शहर में बंदरों के उत्पात से परेशान नागरिकों की मांग पर टेंडर के जरिए ठेकेदार को इस काम पर लगाया है। अब तक 58 बंदरों को पकड़ा गया है जिनकी स्वास्थ्य जांच करने के उपरांत यमुनानगर स्थित कलेसर के जंगलों में छोड़ा गया है।
नगर निगम ने बंदर पकड़ने के लिए पहले टेंडर आवंटित किया था। नगर निगम की तरफ से वेलकम को-ऑपरेटिव सोसाइटी को प्रति बंदर पकड़ने के लिए 1800 रुपये दिए जा रहे थे। जून 2023 में सोसाइटी के कारिंदों ने बंदरों को पकड़कर गढ़ी ब्राह्मणान स्थित एक कमरे के अंदर रखे पिंजरों में बंद कर दिया था।
यहां बंदरों की भूख-प्यास से मौत हो गई थी। इसके बाद अधिकारियों ने एजेंसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। बंदरों से क्रूरता मामले में कार्रवाई करते हुए नगर निगम ने सोसाइटी का टेंडर रद्द कर दिया था।
लोगों की समस्या के चलते फिर दिया टेंडर
नगर निगम के अधिकारियों को स्थानीय नागरिकों की तरफ से लगातार बंदरों के उत्पात मचाने की शिकायत मिल रही थी। निगम ने दो बार टेंडर जारी भी किया परंतु कोई ठेकेदार न आने के कारण नागरिकों को राहत नहीं मिल पा रही थी। वर्तमान में नगर निगम ने बंदरों को पकड़ने के लिए संजय इंटरप्राइजिज एजेंसी को टेंडर दिया है।
प्रति बंदर पकड़ने पर निगम की ओर से एजेंसी को करीब 1100 रुपये दिए जाएंगे। एक सप्ताह पहले ही पशु नियंत्रण टीम के साथ सुरक्षित ढंग से बंदरों को पकड़ना शुरू किया गया है। इनको पिंजरे में बंद करके खाने-पीने का प्रबंध किया जा रहा है। जहां-जहां से नागरिकों की शिकायत मिल रही है, वहां टीम को बंदर पकड़ने के काम पर लगाया जा रहा है।
नागरिक लंबे समय से बंदरों के उत्पात से परेशान थे, बंदर पकड़ने का काम शुरू हो चुका है और धीरे-धीरे सभी इलाकों से बंदरों को पकड़ा जाएगा। बंदरों को पकड़ने के बाद कोई परेशानी न हो इसके निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं।
- राजीव जैन, मेयर, नगर निगम
नगर निगम ने एक सप्ताह पहले ही बंदरों को पकड़ना शुरू कर दिया है। अब तक 58 बंदर पकड़कर कलेसर के जंगलों में छोड़े जा चुके है।
- कृष्ण कुमार, सफाई निरीक्षक, नगर निगम