श्रम विभाग के कर्मचारी ने हरियाणा के श्रम मंत्री शिवचरण शर्मा के निजी सहायक सुरेश कुमार पर स्थानांतरण के नाम पर पचास हजार रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगाया है।
शिकायतकर्ता ने पुलिस अधीक्षक से पत्र लिखकर पचास हजार रुपये वापसी और जानमाल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। शिकायतकर्ता ने पत्रकारवार्ता में इस मामले की जानकारी दी।
जानकारी अनुसार गांव बैंयापुर के सुभाष कुमार ने बताया कि वह पानीपत के महिला कल्याण अधिकारी के कार्यालय में सहायक के पद पर कार्यरत है। गत 14 अगस्त को उसकी मुलाकात पूर्व श्रम निरीक्षक प्रहलाद सिंह से हुई।
उसने बताया कि उसका भतीजा सुरेश कुुमार श्रम मंत्री हरियाणा शिवचरण शर्मा का प्राइवेट सेक्रेटरी है। वह उसका तबादला सोनीपत करवा सकता है। उसके बाद 14 अगस्त की शाम उसकी मुलाकात स्थानीय विश्रामगृह में शिवचरण शर्मा से करवाई गई। सुरेश ने श्रम मंत्री का रौब दिखाकर उससे 50 हजार रुपये ले लिए।
आज तक उसका तबादला नहीं करवाया। पैसे वापस मांगने पर वह धमकी देता है कि तुम्हारा स्थानांतरण बहुत दूर करवा दिया जाएगा। सुभाष कुमार के साथ मौजूद श्रम विभाग के सहायक अशोक कुमार ने भी आरोप लगाया कि उससे भी तबादले के नाम पर दो बार 60 हजार और 25 हजार रुपये की रिश्वत ली गई है।
उन्होंने बताया कि ये गोरखधंधा चंडीगढ़ मुख्यालय के स्तर पर चलता है। इस संदर्भ में सुभाष द्वारा एक शिकायत एसपी के नाम लिखी गई है। शिकायत में एसपी से गुहार लगाई गई है कि इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए उसके पैसे वापस दिलवाए जाएं और सुरेश कुमार और प्रहलाद सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए।
क्या कहता है आरोपी पक्ष
श्रम मंत्री के निजी सहायक के चाचा प्रह्लाद सिंह ने भी सुभाष कुमार और अशोक कुमार पर आरोप लगाए हैं। प्रह्लाद सिंह का कहना है कि अशोक कुमार उससे निजी रंजिश रखता है। उसने अशोक के खिलाफ एक बार मामला भी दर्ज कराया था।
सोनीपत कार्यालय में पहले सहायक के पद पर और अब श्रम निरीक्षक बने सतपाल के साथ उसके अच्छे संबंध हैं। सतपाल की पदोन्नति के बाद ही सुभाष ने सहायक के पद पर आने के लिये कोशिश की थी, लेकिन उससे पहले ही लेबर कोर्ट में सहायक वेद सिंह ने अपना ट्रांसफर सोनीपत करवा लिया।
प्रह्लाद ने बताया कि 14 अगस्त को श्रम मंत्री उनके घर पर निजी आयोजन में शामिल हुए थे। इसकी तैयारी के लिए वे स्वयं व्यस्त थे। दोपहर करीब 2 बजे से रात 10 बजे तक घर पर ही था। प्रह्लाद ने सुरेश और उन पर लगाए सभी आरोप खारिज कर इसे निजी रंजिश निकालने का तरीका बताया है।
जो भी व्यक्ति इस तरह के आरोप लगा रहा है, वह मुझे फंसाने की साजिश है। मैं, सायं 7.30 बजे के करीब मंत्री महोदय के साथ आया था। उस दौरान मेरी कोई मुलाकात नहीं हुई। जानबूझ कर पुरानी रंजिश निकालने के लिए झूठी कहानी गढ़ी गई है। आरोप लगाकर बदनाम किया जा रहा है। इस पर वे अपनी तरफ से उचित कार्रवाई करेंगे। सुरेश कुमार, निजी सहायक (श्रम मंत्री, हरियाणा