सोनीपत में भीषण गर्मी से बचने के लिए टब में नहाते बच्चे। संवाद
सोनीपत। ज्येष्ठ माह में गर्मी अपना असर दिखाने लगी है। वातावरण में नमी गायब होने के बाद रविवार को लोगों को तपिश का सामना करना पड़ा। ऐसे में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जिले में अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री व न्यूनतम तापमान 22.9 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार दो दिन लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ेगा, हालांकि उसके बाद दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में एक बार फिर से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना बनी हुई है। जिसके कारण सप्ताह के अंत तक बारिश के आसार बने रहेंगे। तापमान में कमी आएगी।
ज्येष्ठ की शुरुआत से ही तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। बूंदाबांदी होने के बाद भी तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहा। अब तापमान में 3 डिग्री से अधिक बढ़ोतरी हो गई है। रविवार को सुबह दस बजे के बाद लोगों को गर्म हवा महसूस होने लगी थी। जिसके चलते लोगों को गर्मी का अहसास हुआ। गर्मी से बचने के लिए युवा गांवों में तालाबों और नहरों में नहाते नजर आए। गर्मी अधिक होने के कारण खरीफ सीजन की फसलों की बिजाई प्रक्रिया भी प्रभावित हुई है। यही नहीं किसानों का सिंचाई का खर्च भी बढ़ गया है। गर्मी अधिक होने की वजह से किसानों को ज्वार, मक्का आदि हरे चारे की फसलों की बार-बार सिंचाई करनी पड़ रही है। किसानों ने अब धान की पौध तैयार करनी भी शुरू कर दी है। जिसके लिए पानी की खपत बढ़ गई है। मौसम वैज्ञानिक का मानना है कि राजस्थान की तरफ से आ रही गर्म हवाओं के कारण वातावरण से नमी गायब हो गई है। जिसके कारण तापमान में बढ़ोतरी हो रही है।
तापमान में बढ़ोतरी हो गई है, लेकिन जल्द ही लोगों को पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से राहत मिलेगी। 23 मई की रात से पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखाई देगा। 25 मई से फिर से एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। जिसमें ज्यादातर स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। एक दो स्थानों पर तेज बारिश की भी संभावना है। इससे तापमान में गिरावट की संभावना बनी हुई है। -डॉ. प्रेम दीप, मौसम वैज्ञानिक, कृषि विकास केंद्र सोनीपत