संवाद न्यूज एजेंसी
गन्नौर। गांव शाहपुर तगा गांव के रहने वाले मर्चेंट नेवी में कार्यरत 23 वर्षीय निखिल करीब 30 दिन बाद सकुशल घर लौट आए। वे ओमान के लिए जहाज से रवाना हुए थे लेकिन हालात बिगड़ने के कारण ईरान में ही फंस गए थे।
करीब 20 दिन वे अपनी टीम के साथ जहाज में ही रहे। इस दौरान उनके जहाज के पास कई बार अटैक भी हुआ था जिससे उनका संपर्क टूट जाने से परिवार के लोग चिंतित हो गए थे। उनकी वापसी से परिवार और गांव में खुशी का माहौल है।
घर पहुंचने के बाद निखिल ने बताया कि जहाज में फंसने के कारण कई बार सूखे राशन व कम पानी में ही काम चलाना पड़ा। एक बार उनके जहाज से करीब 20 मीटर की दूरी पर बम गिरने से जहाज के शीशे तक टूट गए थे। इस वजह से उन्हें जहाज भी बदलना पड़ा।
जहाज बदलने के दौरान उनकी मुलाकात हरिद्वार के एक भारतीय से हुई जिसने उन्हें भारतीय दूतावास का संपर्क नंबर दिया। इसके बाद निखिल ने दूतावास से संपर्क किया। जहां से उन्हें तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। करीब 3-4 दिन तक दूतावास की निगरानी में होटल में ठहराया गया।
इसके बाद उनकी वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी हुई। वेरिफिकेशन के बाद उन्हें अर्जेंटीना भेजा गया। वह करीब दो दिन रहे और अब सुरक्षित घर लौट आए हैं। निखिल के दादा लालमन त्यागी ने बताया कि उसके लौटने से पूरा परिवार बेहद खुश है।
उन्होंने मदद करने वाले लोगों और भारतीय नागरिक का आभार जताया। गांव के लोगों ने भी निखिल की सुरक्षित वापसी पर खुशी जाहिर की।