फोटो : सोनीपत रोड पर मुरथल के पास युद्धिष्ठिर द्वार के साथ लगाई गई पक्षियों की स्मृतियां। संवाद
सोनीपत। मुरथल रोड पर निर्मित युद्धिष्ठिर द्वार के साथ लगी पक्षियों की स्मृतियां कई दिन से गायब होने का समाचार प्रकाशित होने के बाद नगर निगम ने संज्ञान लेते हुए उखड़ी स्मृतियों को वापस लगवा दिया है। यहां पक्षियों की स्मृतियां कई दिन पहले उखड़कर गिर चुकी थी।
मामले को लेकर नगर निगम के अधिकारी व रखवाले काफी समय से अनजान बने रहे थे। सोमवार को समाचार प्रकाशित होने के बाद निगम ने उखड़ी पक्षियों की स्मृतियों को दोबारा लगवाया। युधिष्ठिर द्वार का निर्माण निगम की ओर से अक्तूबर 2025 में करीब 93.53 लाख रुपये पूरा किया गया था।
शहर की सुंदरता को चार चांद लगाने के लिए स्वागत द्वार पर लाइटिंग व्यवस्था के साथ सजावट के लिए वेस्ट मेटीरियल से स्मृतियां बनवाई गई हैं। द्वार के एक ओर मछलियां तो दूसरी ओर पक्षी की स्मृतियां बनी हैं। मुरथल रोड पर बनाए गए युधिष्ठिर द्वार के साथ कई दिन से करीब 3-4 पक्षियों की लगी स्मृतियां मात्र 5 माह में ही गायब हो चुकी थी।
युधिष्ठिर द्वार के साथ उखड़ी पक्षियों की स्मृतियां दोबारा लगवा दी गई हैं। इन स्मृतियों को वेस्ट मेटीरियल से बनवाया गया है।
- अजय निराला, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम